एक्सक्लूसिव: बजट सत्र में सत्तापक्ष-विपक्ष में जोरदार घमासान

बजट सत्र के सातवें दिन न्यू इंडिया मंथन संकल्प से सिद्धि तक कृषि विभाग के अंतर्गत वर्ष 2022 तक कृषकों की आय दोगुना करने के सवाल पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने जवाब दिया। इस दौरान नारी निकेतन एवं सुधार गृहों को लेकर उठाए गए सवाल पर मंत्री रेखा आर्य उलझ गई और संवासिनियों की संख्या पर बीजेपी विधायक ने मंत्री को घेरा। स्थानीय विकास प्राधिकरण को समाप्त कर जिला विकास प्राधिकरणों के गठन पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने जवाब दिया। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण में 571 पदों का सृजन किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। मदन कौशिक ने मामले विधानसभा की समिति बनाने का किया फैसला। विधानसभा अध्यक्ष ने की समिति बनाने की घोषणा की। प्रश्नकाल के दौरान सदन में विपक्ष ने मौजूदगी दर्ज कराई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, उप नेता करन महरा सहित विपक्ष के कई विधायक सदन में मौजूद रहे।
निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार ने वन मार्गों को लेकर सवाल उठाया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने जवाब दिया कि वर्तमान में 2583 वन मार्गों में 70 वन मार्ग क्षतिग्रस्त/बन्द हैं। कैम्पा के तहत वन मार्गों के पुनर्निर्माण का काम होगा। सभी बन्द वन मार्गों को शीघ्र शुरू करने की सरकार की योजना है।
उत्तराखंड विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कूड़ा निस्तारण का मुद्दा छाया रहा। इस दौरान शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को विपक्षी विधायकों ने घेरने की कोशिश की। उत्तरकाशी, हरिद्वार, चंबा, टिहरी और रुड़की की हालत कूड़े से बहुत ज्यादा खराब है। इन शहरों को ट्रेंचिंग ग्राउंड कब तक मिलेंगे और कूड़े का निस्तारण कैसे किया जाएगा। इस सवाल पर असहज होकर मंत्री मदन कौशिक ने जवाब दिया कि इस पर सरकार ने नीति बना ली है। इस संबंध में डीएम और अन्य अधिकारियों को आदेश दे दिए गए हैं कि भूमि अधिग्रहण करके जल्द ही ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाए जाएं। इसके अलावा सरकार कूड़े से बिजली उत्पादन के लिए भी जल्द ही रुड़की में बिजली संयंत्र स्थापित करेगी। उत्तराखंड को कूड़े से बचाने के लिए सरकार गंभीर है। इस पर उनसे सवाल पूछा गया कि कितनी जल्दी धरातल पर सरकार का एक्शन दिखाई देने लगेगा। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हरदेश ने भी मदन कौशिक को घेरने की कोशिश की और कहा कि यह कैसी नीति है कि जिससे दुर्गंध तक नहीं हट पा रही है। हल्द्वानी का हाल तो और भी बुरा है। इसको सरकार कब तक जमीन पर उतारेगी और देवभूमि साफ कैसे होगी। इस पर मंत्री मदन कौशिक ने जवाब देते हुए कहा कि हम जल्द से जल्द ही कूड़े का निस्तारण करेंगे। धारचूला के विधायक हरीश धामी द्वारा प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले में विधानसभा पीठ ने विनिश्चय दिया कि यह विशेषाधिकार हनन का मामला नहीं था।

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