एक्सक्लूसिव: विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन की खास बातें

 विधानसभा मानसून सत्र का पहला दिन गरमा गरम रहा। सदन के बाहर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय धरने पर बैठे रहे तो अंदर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज तथा समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य विपक्ष के निशाने पर रहे। हालांकि विपक्ष से ज्यादा वह सत्ता पक्ष के ही विधायकों के निशाने पर रहे।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में सदन के सभी तारांकित प्रश्नों को उत्तरित किया गया। पहले दिन तारांकित तथा अतारांकित कुल 123 प्रश्न सम्मिलित किए गए, जिसमें से सभी तारांकित प्रश्नों को प्रश्नकाल में निश्चित समयावधि के दौरान उत्तरित किया गया।
हंगामा और हलचल
 सदन के बाहर किशोर उपाध्याय वन अधिकार लागू कराने के संबंध में ज्ञापन देने के लिए सदन के अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया तो वह बाहर धरने पर बैठ गए। इधर राज्य आंदोलनकारी JP पांडे को भी पुलिस ने विधानसभा के अंदर घुसने की कोशिश में गिरफ्तार कर लिया था। वह राज्य आंदोलनकारियों का ज्ञापन देकर सदन में जाना चाहते थे।

निकाय कर्मचारियों ने भी सरकार पर सौतेलापन का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है।

समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य भिक्षावृत्ति से जुड़े आंकड़ों पर घिर गए तो सतपाल महाराज भी टिहरी बांध जलाशय पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए घिरते नजर आए।
 कांग्रेस विधायक ममता राकेश ने नकली हेलमेट का मुद्दा सदन में उठाते हुए कहा कि आई एस आई मार्क के ही हेलमेट लागू किए जाने चाहिए।
 आज नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश से लेकर मदन कौशिक और अन्य मंत्रियों सहित सदन के सदस्यों ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई के निधन पर शोक भाषण पढ़ा और श्रद्धांजलि अर्पित की।
 कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने सत्ता पक्ष के मंत्रियों पर बिना तैयारी किए हुए सदन में आने पर तंज भी कसा तो एक बार विपक्ष ने वॉकआउट भी किया।
यह हुआ काम

नियम 300 में विधायकों की 18 सूचनाएं सदन में आई जिनमें से 6 सूचनाएं स्वीकार की गई।

सदन में आज 40 याचिकाएं स्वीकार की गई, जिनमें से 25 याचिकाएं देशराज कर्णवाल की थी तथा 6 याचिकाएं, शक्ति लाल शाह की 6, बलवंत भौर्याल तथा एक याचिका ममता राकेश की थी।
 नियम 58 के तहत विपक्ष ने सदन में तेल के बढ़ते दामों और महंगाई का मुद्दा उठाया किंतु सत्ता पक्ष के जवाब से असंतुष्ट होकर वाॅक आउट भी किया।
 सदन के उपनेता करण माहरा ने नए जिलों के गठन का सवाल उठाया और नियम 58 में इसकी चर्चा कराने की मांग की।
 करन माहरा सहित चकराता विधायक प्रीतम सिंह और पुरोला विधायक राजकुमार ने डीडीहाट, यमुनोत्री, रानीखेत और कोटद्वार को नए जिला बनाने की मांग की। इस पर संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने राजस्व परिषद को इस संबंध में निर्देशित करते हुए कहा कि इस पर सरकार गंभीर है और इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
ये विधेयक रखे गए पटल पर
 इसके अलावा नगर निकायों एवं प्राधिकरणों के लिए विशेष प्रावधान 2018  सदन में रखा गया।
 राजभवन द्वारा लौटाया गया उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग संशोधन विधेयक 2018 पुनर्विचार के लिए सदन के पटल पर रखा गया।
 उत्तराखंड राज्य सूक्ष्म एवं लघु उद्यम परिषद नियमावली 2018 सदन के पटल पर रखा गया। 
उत्तराखंड उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण अधिनियम 1964 संशोधन विधेयक 2018  सहित
न्यायालय शुल्क संशोधन विधेयक सदन के पटल पर रखे गए।
पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड की चतुर्थ वार्षिक रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी गई।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सत्र का पहला दिन अच्छा रहा और साथ ही विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि प्रश्न पूछने के साथ-साथ सुनने का धैर्य भी रखना चाहिए।

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