कृष्णा बिष्ट
वन विभाग मे अधिकारी कर्मचारी द्वारा ही अवैध खनन कराने की पुष्टि करने वाला पर्वतजन को ऐसा एक विडियो प्राप्त हुआ है, जो विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत को भली-भांति बयान करता है। इस साक्ष्य से साफ पता चलता है कि विभाग में भ्रष्टाचार किस कदर व्याप्त है !
देखिए वीडियो
https://youtu.be/Em8CbrovyAY
जो सरकारी खजाने को भरने की बजाय खुद की जेब भरने में लगे हुए हैं।
वीडियो में खनन गेट पर तैनात कर्मचारी को खुलेआम रिश्वत लेकर वाहनों को अंदर करते साफ-साफ देखा जा सकता है, वह पैसे लेने के बाद बोल भी रहा है ,
“ऐसा है न खूब पैसे कमाओ ललित भाई को भी
कमवाओ, आग लगे टोकन……मैं तो कहता हूँ रात ही जोत दो दस बजे, सुबह पांच बजे खत्म, कितने टोकन हैं दो… गेट बंद ही लगाओ।”
जिस तरह से इस वीडियो में बात की जा रही है उससे साफ पता लगता है कि यह अवैध खनन कल भी जारी था, आज भी जारी है और आगे भी जारी रहेगा। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पैसे न देने वाली बुग्गियों को रोक दिया जा रहा है और पैसे देने वाली बुग्गियां खुलेआम अवैध खनन में लिप्त हैं।
हर निकासी पर वन विभाग का हिस्सा बंधा हुआ है और इसमें उधार-नगद का भी खूब लेन-देन होता है।
यह वीडियो तराई के किसी वन प्रभाग का है।
जहां एक तरफ वन विभाग पर अवैध खनन को रोकना व खनन को सही ढंग से क्रियान्वित करवाने का जिम्मा है, ताकि खनन की रॉयल्टी से विकास कार्यों हेतु धन उपलब्ध हो सके। किंतु वहीं दूसरी तरफ वन विभाग के कर्मचारी ही सरकारी खजाने को चपत लगाने में लगे हुए हैं।




