सीमांत सच: हाईकोर्ट की हड़कान के बाद भी सीमांत तक नही पहुंचा राशन

कमल जगाती, नैनीताल
 उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के चीन से लगे सीमांत क्षेत्रों में 24 घंटे में राशन और जरूरी आइटम पहुंचाने के आदेश को जिला प्रशासन ने हल्के में ले लिया है।
आदेश के 48 घंटे बीतने के बाद भी अनाज केवल निचले क्षेत्र में जमा हो सका है।
देखिए वीडियो 

https://youtu.be/aj6qcn_ZsBI

हैलीकॉप्टर सेवा में देरी के चलते अब कल लगभग 70 घंटे बाद संभवतः पहुंचाया जा सकता है अनाज, जरूरी सामान और राशन।
       उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे  ने बताया कि आज सेना के हैलीकॉप्टरों की पिथौरागढ़ से बरेली तक ट्रायल एक्सरसाइज़ थी, जिसके कारण हैलीकॉप्टर नहीं आ सका। सरकार के आग्रह पर सेना ने धारचुला आने वाले 7 सीटर हैलीकॉप्टर को अनुमति दे दी है। अब कल रविवार को हैलीकॉप्टर आने की उम्मीद बताई जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र सिंह बुदियाल ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं बताते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी, जिसपर उच्च न्यायालय ने 11 अक्टूबर को चीन से लगे इस उच्च  हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय लोगों के लिए 24 घंटे के भीतर राशन व दूसरी जरूरी चीजें मुहैय्या कराने को कहा था।
      हाईकोर्ट की फटकार के बाद जिला प्रशासन ने खाद्यान्न विभाग को व्यास घाटी के 7 गांव में राशन भिजवाने का निर्देश दिया। एफ.जी.आई.पुष्कर बोनाल ने बताया कि व्यास घाटी के लिये 80 कुंटल गेहूं, 40 कुंटल चावल, 5 कुंटल चीनी, 2 कुंटल दाल, 200 पैकेट मसाले, पावडर दूध 200 पैकेट, नमक 2 कुंटल, केरोसीन 400 लीटर, चायपत्ती 200 पैकेट, और माचिस आदि रसद सामग्री तैयार कर ली गई है। बताया कि रविवार को हैलीकॉप्टर आने पर बुदि, गर्ब्यांग, नपलचु, गुंजी नाबी, रोनकांग और कुटि के लिए राशन भेजा जायेगा। उपजिलाधिकारी ने बताया कि हैलीकॉप्टर सिर्फ़ एक दिन के लिये राशन पहुंचाने के लिये आ रहा है जबकि गांव से आने वाली सवारी से 3100 रुपए किराया लिया जायेगा। सरकार के आदेश के बाद किराया वापस भी किया जा सकता है।
साथ ही उन्होंने बताया कि हफ्तेभर में लखनपुर और नजंग में अस्थायी लकड़ी का पुल बना दिया जायेग जिससे गाँव के लोग आवागमन कर सकेंगे।
       अब ऐसे में समाजसेवी महेंद्र सिंह बुदियाल और रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष ने सरकार से ये मांग कि जबतक पैदल रास्ता ठीक ना हो जाय, तब तक सरकार को निःशुल्क हैलीकॉप्टर सेवा दी जाय।

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