हाईकोर्ट की नजरें टेढी। 323 फैक्ट्रियों पर कार्रवाई को कहा

कमल जगाती, नैनीताल

उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने आज केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद प्रदेश की सभी 323 रेड कैटेगरी की फैक्ट्रियों पर कार्यवाही करने के निर्देश दे दिए हैं। न्यायालय ने कार्यवाही के बाद एक माह में रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को भी कहा है।
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में प्रदेश में चल रही खतरनाक फैक्ट्रियों को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में सुनवाई के दौरान
17 अगस्त 2018 को न्यायपालिका ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें विभाग को जांच कर प्रदेश में नियमों का उल्लंघन कर रही फैक्ट्रियों की लिस्ट तैयार कर जनाकारी न्यायालय में देने को कहा गया था। विभाग ने आज रिपोर्ट जमा करते हुए कहा कि अब तक उन्होंने प्रदेश में कुल 323 फैक्ट्रियों को नियम का उल्लंघन करने के लिए रेड केटेगिरी में रखा है।

इसपर मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति रमेश चंद खुल्बे की खंडपीठ ने प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को ऐसी रेड कैटेगिरी की 323 फैक्ट्रियों के खिलाफ एक माह में कार्यवाही कर न्यायालय को सूचित करने को कहा है।
आपको बता दें कि उधम सिह नगर निवसी हिमांशु चंदोला ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिक दायर कर कहा था कि उधम सिह नगर जिले के पंतनगर व आसपास कई फैक्ट्रियां संचालित हैं। इनकी वजह से उस जगह में वायु प्रदुषण हो रहा है, जिसके कारण अब तक लगभग 100 लोगों की अकाल ही मौत हो चुकी है, जबकी कई लोगों का अभी भी ईलाज चल रहा है। इन फैक्ट्रियों से निकलने वाले कैमिकल युक्त पानी से खेती भी प्रभावित हो रही है। इसलिए इन फैक्ट्रियों को तत्काल बंद करा जाए या इन फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदुषण को पूर्णतः रोका जाए।
मामले की सुनवाई के बाद आज उच्च न्यायालय ने केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि वह एक माह के भीतर रेड कैटिगिरी का खतरनाक प्रदूषण फैलाने वाली 323 फैक्ट्रियों/इंडस्ट्री पर कार्यवाही करे। न्यायालय ने कार्यवाही के बाद कंप्लाइन्स रिपोर्ट एक माह के भीतर न्यायालय में पेश करने को कहा है।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts