देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के 10 हजार बेरोजगार युवाओं को अगले चार महीने के भीतर रोजगार उपलब्ध कराने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। इसके लिए तकनीकी शिक्षा विभाग प्रदेशभर में चार विशेष रोजगार मेलों का आयोजन करेगा, जिनमें देशभर की बहुराष्ट्रीय (MNC) और निजी क्षेत्र की कंपनियां भाग लेंगी।
सरकार का उद्देश्य तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को निजी क्षेत्र में सीधे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
गढ़वाल और कुमाऊं में लगेंगे चार बड़े रोजगार मेले
तकनीकी शिक्षा विभाग ने रोजगार मेलों के आयोजन के लिए चार प्रमुख शहरों का चयन किया है।
गढ़वाल मंडल: देहरादून,श्रीनगर
कुमाऊं मंडल: काशीपुर,अल्मोड़ा
इन मेलों में देशभर की विभिन्न बहुराष्ट्रीय और निजी क्षेत्र की कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि युवाओं को राज्य से बाहर गए बिना रोजगार के अवसर मिल सकें।
इन युवाओं को मिलेगा रोजगार का मौका
रोजगार मेलों का दायरा केवल तकनीकी संस्थानों तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें विभिन्न शैक्षणिक और कौशल पृष्ठभूमि वाले युवाओं को शामिल किया जाएगा।
कौन कर सकेगा आवेदन?
- आईटीआई पासआउट छात्र-छात्राएं
- पॉलीटेक्निक डिप्लोमा धारक
- अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थी
- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के पासआउट और फाइनल ईयर छात्र
- व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी
- उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवा
- ग्रामीण क्षेत्रों के रोजगार तलाश रहे अभ्यर्थी
इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को निजी कंपनियों से सीधे जोड़ना है।
एक सप्ताह में शुरू होगा निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण
युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निःशुल्क ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तकनीकी शिक्षा विभाग को एक सप्ताह के भीतर पंजीकरण पोर्टल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंजीकरण के दौरान युवाओं की शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी कौशल और रोजगार संबंधी जानकारी का डाटा तैयार किया जाएगा। इसी डाटा के आधार पर कंपनियों की आवश्यकता के अनुसार अभ्यर्थियों को रोजगार मेलों में बुलाया जाएगा।
कई विभाग मिलकर करेंगे आयोजन
सरकार इस अभियान को केवल तकनीकी शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं रखना चाहती। इसके लिए विभिन्न विभागों को भी जोड़ा गया है।
सहभागी विभाग:तकनीकी शिक्षा विभाग,विद्यालयी शिक्षा विभाग,उच्च शिक्षा विभाग,सेवायोजन विभाग,कौशल विकास विभाग
जल्द ही इन विभागों की उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें रोजगार मेलों की तारीख, कंपनियों की भागीदारी और आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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युवाओं को निजी क्षेत्र से जोड़ने पर विशेष फोकस
राज्य सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में युवा तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद निजी क्षेत्र से सीधे नहीं जुड़ पाते। रोजगार मेलों के माध्यम से कंपनियों और युवाओं के बीच सीधा संवाद और ऑन-द-स्पॉट चयन प्रक्रिया शुरू करने की योजना है।
इससे युवाओं को इंटरव्यू, कौशल परीक्षण और नियुक्ति संबंधी प्रक्रियाएं एक ही स्थान पर पूरी करने का अवसर मिल सकेगा।
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक करीब 42 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें: स्थायी नियुक्तियां, संविदा कर्मचारी, और आउटसोर्स कार्मिक भी शामिल हैं। अब तकनीकी शिक्षा विभाग के माध्यम से अगले चार महीनों में 10 हजार अतिरिक्त युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तराखंड में लंबे समय से रोजगार की मांग को देखते हुए यह पहल बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। यदि प्रस्तावित रोजगार मेले तय समय पर आयोजित होते हैं और बड़ी कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित होती है, तो इससे राज्य के हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर रोजगार अवसर मिल सकते हैं।
सरकार का दावा है कि यह अभियान कौशल आधारित रोजगार, निजी क्षेत्र में नियुक्ति और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।







