108 व खुशियों की सवारी के कर्मचारी करेंगे सचिवालय कूच

24 अप्रैल 2019 को पूरे प्रदेश में 108 व खुशियों की सवारी सेवा ठप रहेगी

अनुज नेगी

पौड़ी। उत्तराखंड में इमरजेंसी सेवा 108 व खुशियों की सवारी कर्मचारियों 24 अप्रैल को सचिवालय कूच करेंगे। दअरसल वर्तमान शासन व सरकार लगभग 717 कर्मचारियों को 30 अप्रैल तक सेवा खत्म के नोटिस gvk कंपनी के माध्यम से कर्मचारियों को दे चुकी हैं, जिससे ये समस्त कर्मचारी 30 अप्रैल को बेरोजगार हो जायेंगे।
आप को बता दे 11 वर्षो की अपार सेवा के बाद जनता के बीच इन सेवाओं को जीवनदायिनी सेवा का नाम दिलाया। आंकड़े बताते हैं लाखों जिंदगी को जीवनदान देने के साथ 10500 से ज्यादा बच्चों का जन्म एम्बुलेंस के अंदर करने का कृतिमान भी किया। लेकिन वर्तमान शासन व सरकार लगभग 717 कर्मचारियों को 30 अप्रैल तक सेवा खत्म के नोटिस gvk कंपनी के माध्यम से कर्मचारियों को दे चुकी हैं, जिससे ये समस्त कर्मचारी 30 अप्रैल को बेरोजगार हो जायेंगे। कर्मचारियों ने जब gvk कंपनी के साथ कार्य प्रारंभ किया तो 5300 पायलट वा 5700 के लगभग इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन ने इस वेतन के साथ 2008 मे इस सेवा के साथ शुरुवात की लगातार विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों के साथ 11 वर्ष के बाद 15000 से 18000 के पास पहुंचे थे, लेकिन अब सरकार ने नई कंपनी कैम्प को टेंडर दे दिया है। जो सभी अनुभव को दरनिकार कर न्यूनतम रुपये देने की बात कर बाहर भी करने की साजिश कर रही हैं।

दूसरी और कैम्प भर्ती प्रक्रिया में भी बहुत मानक का ध्यान नही दे रही हैं। जो कर्मचारी वर्तमान में कार्यरत है उनको सरकार द्वारा पहले 53 दिन का विशेष ट्रेनिंग दी जाती थी, जिसमे प्रमुख रूप से प्रसव केस की थी, जो स्त्री लोग विशेषज्ञ के साथ मिल कर प्रैक्टिकल तक हॉस्पिटल में मुहैय्या करवाया जाता था, क्योंकि इसमें ज्यादा  तर सभी 99% फार्मसिस्ट हैं। जिनके पूर्व कोर्स में प्रसव के रिलेटेड कोई ज्ञान नही दिया जाता है, इशलिये ये विशेष कोर्स करवाया जाता था और इन कर्मचारियों ने 15000 से ज्यादा बच्चों का जन्म एम्बुलेंस में करवा कर रेकॉर्ड भी बनाया था, लेकिन वर्तमान कैम्प कंपनी कोई मानक का ध्यान नही रख रही हैं। मात्र 3 दिन की थ्योरी ट्रेनिंग करवा कर भर्ती कर रही हैं, जो आने वाले समय मे प्रसव गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य सेवा के लिये खतनाक हैं। दूसरे और ड्राइवर के लिये हिल्स हैवी लाइसेंस का मानक भी नही रख रही हैं, जबकि ये पहाड़ी एरिया हैं। जबकि पूर्व कर्मचारियों ने इसको जीवनदायिनी बनाया था।
इस प्रकार पुराने अनुभव को दरनिकार कर 30 अप्रैल को सेवा खत्म के नोटिस दे दिये गये हैं, जिससे सभी कर्मचारी बेरोजगार हो जायेंगे। सभी उत्तराखंड के स्थायी निवासी हैं, जो पलायन के लिये भी मजबूर होंगे।
जिसके विरोध में 24 अप्रैल को समस्त कर्मचारी प्रदेश भर से देहरादून परेड ग्राउंड से  सचिवालय तक महारैली का आयोजन कर सचिवालय घेराव करेंगे।कर्मचारियों की मांगें है : सभी कर्मचारियों को पूर्व की भांति उसी वेतन में उसी लोकेशन पर जहाँ पूर्व में कार्यरत है नियुक्ति प्रदान की जाये ,यदि 23 अप्रैल तक मांग नही मानी गयी तो 24 अप्रैल को 108 व खुशियों की सवारी सेवा पूरे प्रदेश में ठप रहेगी।

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