Uttarakhand News: जैव विज्ञान पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का मेजबान बना सरदार भगवान सिंह विश्वविद्यालय

देहरादून: सरदार भगवान सिंह विश्वविद्यालय ने अपने दो-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीयसम्मेलन का उद्घाटन किया, जिसका शीर्षक है ” बायोसाइंसेज बियॉन्ड बाउंड्री: हेल्थकेयर, बायोइकॉनमी एंड सस्टेनेबल वेल बीइंग”। हाइब्रिड मोड में आयोजित होरहे इस सम्मेलन में देश-विदेश से जाने-माने वैज्ञानिक, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ और शोधकर्ता एक साथ आए हैं, ताकि वे जैवविज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नए विकासों परविचार-विमर्श कर सकें।
उद्घाटन सत्र की शुरुआत दीप प्रज्वलन की रस्म के साथ हुई। सम्मेलन की संयोजकप्रो. कुमुद मल्होत्रा ने विशिष्ट अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया, तथा इसआयोजन को मिले उत्साहपूर्ण प्रतिसाद पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न शैक्षणिक एवंअनुसंधान संस्थानों से आए प्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी का विशेष उल्लेखकिया।
सरदार भगवान सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) जे. कुमार ने अपने संबोधनमें, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़ी समकालीन वैश्विकचुनौतियों से निपटने में अंतर-विषयक अनुसंधान और सहयोग के महत्व पर ज़ोरदिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन ज्ञान के आदान-प्रदान और सार्थकशैक्षणिक सहयोग विकसित करने के लिए मूल्यवान मंच प्रदान करते हैं।
सम्मेलन का उद्घाटन डॉ. मीनू सिंह, निदेशक और सीईओ, AIIMS, ऋषिकेश नेकिया, जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। अपने संबोधनमें, डॉ. सिंह ने स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों को मज़बूत करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेजुड़ी उभरती चुनौतियों से निपटने में अनुसंधान और नवाचार के बढ़ते महत्व पर प्रकाशडाला। उन्होंने वैज्ञानिक ज्ञान को समाज के लिए व्यावहारिक समाधानों में बदलने हेतुशैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच घनिष्ठसहयोग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
CSIR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने इसकार्यक्रम में ‘विशिष्ट अतिथि’ के रूप में शिरकत की और SBSU की उस पहल कीसराहना की, जिसके तहत एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है; यहसम्मेलन जैव विज्ञान के विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाता है। उन्होंनेअनुसंधान-आधारित नवाचार के महत्व पर ज़ोर दिया, साथ ही सतत विकास कोबढ़ावा देने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया।
उद्घाटन सत्र का एक प्रमुख आकर्षण ‘कॉन्फ्रेंस स्मारिका’ का विमोचन और SBSU शोध पत्रिका—”Innovations in Biomedical and Allied Health Research”—का शुभारंभ था। इस पत्रिका का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शोध के प्रसार के लिए एक मंचप्रदान करना और शोधकर्ताओं तथा शिक्षाविदों के विद्वतापूर्ण योगदान को प्रोत्साहितकरना है।
श्री एस. पी. सिंह, अध्यक्ष, GBSS, और प्रो. गौरवदीप सिंह, अध्यक्ष, SBSU, नेसम्मान के प्रतीक के रूप में विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित किया।.
इस कॉन्फ्रेंस में जाने-माने वैज्ञानिकों के मुख्य भाषण और विशेषज्ञ व्याख्यान भी हुए।INRAe (फ्रांस) के रिसर्च डायरेक्टर और ‘फूड सिक्योरिटी’ (Springer) के मुख्यसंपादक प्रो. सर्ज सवेरी ने ‘वैश्विक पादप स्वास्थ्य’ (Global Plant Health) विषयपर बात की, और खाद्य सुरक्षा तथा पारिस्थितिक संतुलन के लिए इसके महत्व परज़ोर दिया। नानावती मैक्स हॉस्पिटल में फिजियोथेरेपी और स्पोर्ट्स मेडिसिन विभागके प्रमुख प्रो. (डॉ.) अली ईरानी ने अपने विशाल पेशेवर अनुभव के आधार पर, स्वस्थऔर साक्ष्य-आधारित क्लिनिकल पद्धतियों के महत्व पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यानदिया।
देश के विभिन्न हिस्सों से आमंत्रित मुख्य वक्ताओं ने अपनी विशेषज्ञ वार्ताओं केमाध्यम से प्रत्येक तकनीकी सत्र की रूपरेखा तैयार की। इन सत्रों के बाद मौखिकऔर पोस्टर प्रस्तुतियाँ हुईं, जिन्होंने शोधकर्ताओं और विद्वानों को अपने कार्यों कोप्रस्तुत करने और अकादमिक चर्चाओं में शामिल होने का अवसर प्रदान किया।
यह सम्मेलन कई तकनीकी सत्रों और विचार-विमर्शों के साथ जारी रहेगा, जिनकाउद्देश्य जैव विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करना और अनुसंधान को आगेबढ़ाना है।
इस उद्घाटन समारोह का समन्वय डॉ. मैत्री चतुर्वेदी ने किया, और इस अवसर कीशोभा प्रो. (डॉ.) दीपक साहनी (रजिस्ट्रार); श्री विपिन कुमार जैन (उप-रजिस्ट्रार, HR और संपर्क); लेफ्टिनेंट कर्नल आर.पी. जुगरान (सेवानिवृत्त) (उप-रजिस्ट्रार, प्रशासन); प्रो. मनीष अरोड़ा (डीन, छात्र कल्याण और सह-संयोजक); सुश्री उर्मी चौरसिया(परीक्षा नियंत्रक); प्रो. (डॉ.) वीरमा राम (निदेशक, IQAC); प्रो. (डॉ.) अतुल कौशिक(सह-निदेशक, अनुसंधान और नवाचार तथा आयोजन सचिव); प्रो. रीना कुमारी; डॉ.पूजा नौडियाल; डॉ. नीतू पांडे; डॉ. निधि एस. बेलवाल; डॉ. संतोष कुमार कर्ण; श्रीअनिल पंवार; और श्री आशीष विश्वकर्मा ने बढ़ाई। इनके साथ-साथ संकाय सदस्य, कर्मचारी और बड़ी संख्या में उपस्थित प्रतिभागियों ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की।

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