नई दिल्ली। देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना के तहत अब राशन वितरण प्रणाली को और अधिक सुविधाजनक और लचीला बना दिया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार लाभार्थियों को अब पूरा राशन एक ही दुकान से लेने की बाध्यता नहीं होगी। वे अपनी सुविधा के अनुसार देश की किसी भी उचित दर (राशन) दुकान से अलग-अलग खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बदलाव का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और लाभार्थी-केंद्रित बनाना है।
राशन लेने के लिए अब एक ही दुकान पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है।
One Nation One Ration Card (ONORC) के तहत पात्र लाभार्थी देश की किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपना राशन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे खाद्यान्न तक पहुँच और भी आसान एवं सुविधाजनक बनती है।#OneNationOneRationCard pic.twitter.com/x0tfXxRbv4
— B.L Verma (@blvermaup) June 20, 2026
अब ATM की तरह मिलेगा राशन
सरकार की नई व्यवस्था को बैंकिंग प्रणाली के एटीएम मॉडल की तर्ज पर विकसित किया गया है। जिस प्रकार कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी एटीएम से पैसे निकाल सकता है, उसी तरह अब राशन कार्ड धारक भी देश के किसी भी हिस्से में स्थित सरकारी राशन दुकान से अपने हिस्से का खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद लाभार्थी एक दुकान से गेहूं और दूसरी दुकान से चावल या अन्य खाद्यान्न ले सकेंगे। इससे राशन वितरण में लचीलापन बढ़ेगा और उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी।
नई प्रणाली लागू होने के बाद राशन दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों, मशीन में फिंगरप्रिंट मैच न होने की समस्या और किसी दुकान में स्टॉक खत्म होने पर राशन न मिलने जैसी परेशानियों में कमी आने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और अधिक प्रभावी और लाभार्थी-हितैषी बनेगी।
प्रवासी मजदूरों और कामगारों को होगा बड़ा फायदा
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ उन लाखों प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों और दिहाड़ी कामगारों को मिलेगा जो रोजगार के लिए अपने गृह राज्य से दूसरे राज्यों या शहरों में रहते हैं।
अब उन्हें राशन लेने के लिए अपने गांव या मूल निवास स्थान की दुकान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे जहां काम कर रहे हैं, वहीं के नजदीकी राशन डीलर के पास जाकर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकेंगे।
तकनीक से मजबूत होगी राशन व्यवस्था
सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके तहत देशभर की राशन दुकानों में इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीनों को e-PoS मशीनों से जोड़ा जा रहा है, जिससे घटतौली और अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
इसके अलावा लाभार्थी ‘मेरा राशन 2.0’ मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे—
- राशन कोटे की जानकारी
- नजदीकी राशन दुकान का विवरण
- आधार लिंकिंग की स्थिति
- राशन वितरण रिकॉर्ड
जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए राशन कार्ड का आधार से लिंक होना अनिवार्य होगा। आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए ही लाभार्थियों को राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम देशभर के गरीब, प्रवासी और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। इससे राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार कम होगा और पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न आसानी से पहुंच सकेगा।





