देहरादून, जुलाई 2026। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को देहरादून स्थित विशेष न्यायाधीश (सतर्कता अधिष्ठान), गढ़वाल परिक्षेत्र एवं पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नोटिस जारी किया है। अदालत ने उन्हें 3 सितंबर 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश वाद संख्या 280/2025 में पारित किया गया है, जिसमें पंकज सिंह क्षेत्री बनाम गणेश जोशी शीर्षक से मामला विचाराधीन है।
25 जुलाई की सुनवाई के बाद जारी हुआ नोटिस
न्यायालय के अभिलेखों के अनुसार,25 जुलाई 2026 को मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता उपस्थित रहे और अदालत के समक्ष अभिलेख प्रस्तुत किए गए।
अदालत ने आदेश में कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत विपक्षी पक्ष को सुनवाई का अवसर दिया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर न्यायालय ने गणेश जोशी को नोटिस जारी करते हुए 3 सितंबर 2026 की अगली तिथि निर्धारित की।
विशेष न्यायाधीश अंजली बैजवाल द्वारा पारित आदेश में उल्लेख किया गया है कि:वाद पुकारा गया,पत्रावली पेश की गई,वादी पक्ष के अधिवक्ता को सुना गया,BNSS के अनुपालन में विपक्षी को सुनवाई का अवसर दिया जाना आवश्यक पाया गया,इसके लिए विपक्षी को नोटिस जारी कर अगली तिथि तय की गई।
अदालत का यह आदेश प्रक्रिया संबंधी सुनवाई के संदर्भ में पारित किया गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री बोले
मामले के वादी पंकज सिंह क्षेत्री, जो अधिवक्ता होने के साथ उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता भी हैं, ने कहा कि वह मंत्री गणेश जोशी से जुड़े मामले को प्रमुखता से उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी मंत्री पर आय से अधिक संपत्ति से संबंधित प्रश्न उठ रहे हैं, तो सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को नोटिस जारी होने की खबर के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे सरकार से जुड़े मामलों में जवाबदेही का मुद्दा बता रहा है, जबकि आधिकारिक रूप से मंत्री पक्ष की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।






