कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान कराने के मामले में बेंगलुरु पुलिस ने उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट समेत अन्य लोगों के खिलाफ जीरो FIR दर्ज कर ली है।
शिकायत 31 अगस्त 2026 को विधान सौध पुलिस थाने में दाखिल की गई थी। शिकायतकर्ता टी.आर. रामप्पा (आदिवासी कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष) हैं। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 173 के तहत FIR दर्ज करने की मांग की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की जनसभा के बाद 10 अगस्त को उसी स्थान पर शुद्धिकरण अनुष्ठान कराया गया।
आरोप है कि यह कृत्य जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है। शिकायतकर्ता ने महेंद्र भट्ट पर आरोप लगाया है कि उन्होंने इस घटना का सार्वजनिक रूप से बचाव और समर्थन किया, जिससे सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा।
पुलिस ने शिकायत प्राप्त करने के बाद कानूनी राय ली और 4 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजे जीरो FIR नंबर 03/2026 दर्ज की। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(बी) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस तरह की घटनाओं पर कार्रवाई न होने से जातिगत पूर्वाग्रह को बढ़ावा मिल सकता है और संवैधानिक मूल्यों को खतरा पैदा हो सकता है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग, मीडिया रिपोर्ट्स और गवाहों के बयान एकत्र करने को कहा है।
यह जीरो FIR अब उत्तराखंड पुलिस को भेजी जाएगी, जहां आगे की जांच की जाएगी। इस मामले ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।


