घनसाली। टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र में विद्युत गृह निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे के निस्तारण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
ग्राम पंचायत रौंसाल के ग्रामीणों ने सैंदुल गांव के समीप बनाए जा रहे डंपिंग जोन का विरोध तेज कर दिया है। ग्राम प्रधान कृष्ण गोविंद कंसवाल ने उपजिलाधिकारी (SDM) घनसाली को पत्र भेजकर डंपिंग जोन की अनुमति तत्काल निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।
कृषि भूमि और सिंचाई नहर को नुकसान पहुंचने की आशंका
ग्राम प्रधान कृष्ण गोविंद कंसवाल ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि पिटकुल (PITCUL) के विद्युत गृह निर्माण कार्य का जिम्मा संभाल रही अरविंद इंफ्रा प्रणाली कंपनी की ओर से निर्माण कार्य से निकलने वाला मलबा ग्रामसभा रौंसाल के मध्य डाला जा रहा है।
प्रधान का कहना है कि मलबा डंप किए जाने से ग्रामीणों की कृषि भूमि, सिंचाई नहर और गांव के संपर्क मार्ग को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इससे ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही और खेती-किसानी भी प्रभावित हो सकती है।
पहले भी हो चुका है विरोध, ग्रामीणों ने लौटाए मलबे से भरे डंपर
प्रधान के मुताबिक, डंपिंग जोन के विरोध में ग्रामीण पहले भी सड़क पर उतर चुके हैं। इस संबंध में शासन और प्रशासन को लिखित शिकायत देकर मलबा डालने का काम रोकने की मांग की गई थी। इसके बावजूद कंपनी की ओर से मलबा डालने का कार्य जारी रहने का आरोप है।
इससे नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध जताया और मलबे से भरे डंपरों को वापस लौटा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी आपत्तियों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
अनुमति निरस्त नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
ग्राम प्रधान कृष्ण गोविंद कंसवाल ने एसडीएम घनसाली से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कंपनी को दी गई डंपिंग जोन की अनुमति तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्रामीणों की मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रधान ने इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होने की बात कही है।
फिलहाल डंपिंग जोन को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।






