उर्मिला सनावर की अधिवक्ता प्रीति चौहान के अनुसार, जमानत अर्जी पर दोपहर करीब एक बजे सुनवाई हुई। इस दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) और 308(7) को लेकर मुख्य रूप से बहस हुई। इन धाराओं में अधिकतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
BNS की धाराओं को लेकर अदालत में हुई बहस
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर उर्मिला सनावर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(5) और 308(7) लागू नहीं होती हैं।
अधिवक्ता प्रीति चौहान के मुताबिक, अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए जमानत अर्जी मंजूर कर ली। हालांकि, अदालत के विस्तृत आदेश और जमानत की शर्तों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अभियोजन ने 10 से 11 मुकदमों का दिया हवाला
जमानत अर्जी का अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। अभियोजन की ओर से अदालत को बताया गया कि उर्मिला सनावर के खिलाफ अलग-अलग जिलों में 10 से 11 मामले दर्ज हैं।
अभियोजन पक्ष ने यह आशंका भी जताई कि जेल से बाहर आने के बाद वह अन्य लोगों के खिलाफ वीडियो प्रसारित कर सकती हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
जमानत मंजूर, लेकिन जमानतदारों के कारण अटकी रिहाई
अदालत से जमानत मिलने के बाद भी उर्मिला सनावर की रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। उनकी अधिवक्ता के अनुसार, जमानतदार सहारनपुर से आए थे, लेकिन उर्मिला सनावर के रिश्तेदार नहीं होने के कारण अदालत उनकी जमानत को लेकर संतुष्ट नहीं हुई। इसी वजह से जमानत बॉन्ड दाखिल करने की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
कब जेल से बाहर आएंगी उर्मिला सनावर?
बचाव पक्ष के अनुसार, अगले दिन दोपहर करीब 3 से 4 बजे तक जमानत बॉन्ड दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। इसके बाद शाम करीब 5 बजे रिहाई का परवाना जारी होने की उम्मीद जताई गई है।
यदि सभी कानूनी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो उर्मिला सनावर शाम 6 से 7 बजे के बीच जेल से बाहर आ सकती हैं। फिलहाल उनकी रिहाई जमानत बॉन्ड और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने पर निर्भर है।






