हरिद्वार का यह मंदिर बना राजनीति का अखाड़ा। दो राज्य सरकारों की लगी है निगाह

कुमार दुष्यंत

हरिद्वार हरिद्वार की रुड़की तहसील में स्थित एक मंदिर इन दिनों राजनीतिक अखाड़ेबाजी का अड्डा बना हुआ है।मामला धर्म से जुडा होने के कारण प्रशासन ने मंदिर के आसपास निषेधाज्ञा लागू की हुई है।लेकिन कांग्रेस व भाजपा से जुडे संगठन मंदिर को लेकर रोज ही एकदूसरे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
रुड़की के मालवीय चौक के निकट स्थित नाथ संप्रदाय के भवन में एक शिव मंदिर है।पिछले कुछ समय से इस मंदिर को लेकर विवाद बना हुआ है।महंत मंगलनाथ इस मंदिर का जीर्णोद्वार कराना चाहते हैं।लेकिन इस आसपास के लोगों का आरोप है कि मंदिर के जीर्णोद्वार के नाम पर यहां व्यावसायिक कॉम्पलैक्स का निर्माण कराया जा रहा है।जिससे आसपास रहने वालों का जीवन प्रभावित होगा।नागरिकों के समर्थन में विहिप व बजरंग दल के उतरने के बाद अब एनएसयूआई आश्रम के महंत के समर्थन में उतर आयी है।यह सभी संगठन पिछले दिनों से मंदिर के आगे एकदूसरे के खिलाफ धरने-प्रदर्शन में जुटे हुए हैं।मंदिर पुलिस के पहरे में है।


मंदिर में निर्माण की बाधा को दूर करने के लिए पिछले दिनों मंदिर के महंत व उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुरुभाई महंत मंगलनाथ ने पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था।जिसपर कार्रवाई करते हुए उप्र के मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को पत्र लिखा था।लेकिन इसके बाद मंदिर में जैसे ही निर्माण की गतिविधियां आरंभ हुई।लोग इस निर्माण के खिलाफ सड़कों पर उतर आए।


मंदिर के निर्माण को लेकर फिलहाल विवाद बना हुआ है।मामला दो राज्य सरकारों के मुखियाओं के संज्ञान में होने से प्रशासन पूरी चौकसी बरत रहा है।महिनेभर पहले भाजपा पार्षद व मेयर यशपाल राणा के विवाद के कारण रुड़की की राजनीति गर्मा गयी थी।अब इस मंदिर को लेकर हो रहे विवाद के कारण रुड़की एक बार फिर भाजपा व कांग्रेस के बीच राजनीति का अखाड़ा बनता जा रहा है।

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