उत्तरा एपिसोड:  इधर सलमान खान का न्योता, उधर राम जेठमलानी फ्री में लड़ेंगे केस

पिछले दिनों अपने साथ अभद्रता और निलंबित किए जाने के खिलाफ कोर्ट जाने का निर्णय लेने वाली उत्तरा पंत बहुगुणा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है। कोई उत्तरा से हुए अन्याय के खिलाफ उनकी मदद करना चाहता है तो कोई उनसे जुड़कर सुर्खियां बटोरना चाहता है।

जेठमलानी लड़ेंगे केस
 देश के सबसे महंगे वकील राम जेठमलानी ने उत्तरा का केस निशुल्क लड़ने की पेशकश की है। उत्तरा के पुत्र शुभम बहुगुणा ने इस बात की तस्दीक की कि राम जेठमलानी ने उनके फोन पर मुकदमा निशुल्क लड़ने का प्रस्ताव दिया है। शुभम ने बताया कि वह अन्याय के खिलाफ जरूर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
सलमान खान का न्योता
इधर देश के सभी चैनलों और BBC से लेकर अन्य अंतरराष्ट्रीय माध्यमों में भी सुर्खियां बटोरने वाली उत्तरा को सलमान खान ने भी अपने रियल्टी शो बिग बॉस में आमंत्रित किया है।
 हालांकि उत्तरा का कहना है कि वह फिलहाल काफी समस्याओं से घिरी हुई है तथा निलंबन का मामला सुलझ जाने के बाद इस विषय में निर्णय लेंगी। उत्तरा ने बताया कि मुंबई से उन्हें फोन आया था तथा बिगबॉस प्रोडक्शन हाउस ने अपने शो में उन्हें आमंत्रित किया था लेकिन वह फिलहाल सर्विस में रहते हुए तथा अपने निलंबन की वापसी तक इतना बिजी रहेंगी कि बिगबॉस में शामिल नहीं हो पाएंगी।
 उत्तरा ने धन्यवाद सहित उन्हें फिलहाल इस बात के लिए मना कर दिया है। इधर उत्तरा को सुप्रीम कोर्ट के सबसे महंगे वकील राम जेठमलानी द्वारा निशुल्क केस लड़े जाने की पेशकश करने तथा बिग बॉस द्वारा अपने शो में आमंत्रित किए जाने की भनक लगते ही सरकार की पेशानी पर बल पड़ गए हैं।
जो मनाएगा वह हीरो हो जाएगा
 यह मामला इतना हाईलाइट हो गया है कि मुख्यमंत्री खुद झुकना नहीं चाहते और यदि कोई दूसरा इस मामले में पहल करता है तो उसके हीरो बन जाने का भी खतरा पैदा हो गया है।
 यही कारण है कि चंडीगढ़ से फोन पर उत्तरा बहुगुणा को इस पूरे एपिसोड में सॉरी कहने वाले एकमात्र शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने भी पहले 3 जुलाई को उत्तरा बहुगुणा से मिलने की बात कही थी तथा इस पूरे मामले में उत्तरा बहुगुणा से कहा था कि जो भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
 उत्तरा के तेवर शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद थोड़ा नरम हो चुके थे, किंतु इन दो दिनों मे सब जगह यही चर्चा सियासी गलियारों में चल रही थी कि अरविंद पांडे ने इस मसले पर सियासी बढ़त ले ली है। कहीं इस पूरे मामले का श्रेय शिक्षामंत्री न ले लें, इस बात के अंदेशे से उन्हें उत्तरा से न मिलने का इशारा कर दिया गया।
 और अप्रत्याशित ढंग से आज अरविंद पांडे ने उत्तरा से मिलने का इरादा त्याग दिया, लेकिन उनके पास न मिलने का कोई कारण नहीं था। जब मीडिया ने उनसे इस मामले में बातचीत करनी चाही तो उन्होंने हर सवाल पर नो कमेंट कहकर पीछा छुड़ा दिया। आम तौर पर अपने बड़बोलेपन के लिए खासे चर्चित अरविंद पांडे का यह “नो कमेंट” वाला अंदाज़ मीडिया के लिए भी काफी अचरज भरा था। देखना यह है कि यह प्रकरण अब क्या रंग लेता है !

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