हाईकोर्ट का हार्ड डिसिजन : 24 घंटे मे करो एफआइआर इन पर

कमल जगाती, नैनीताल

उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने उन रिसॉर्ट्स के खिलाफ 24 घंटे में एफ.आई.आर.दर्ज करने को कहा है जहां व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए हाथी पाले जा रहे थे । न्यायालय ने केंद्रीय रेल मंत्रालय और सड़क परिवहन विभाग को कहा है कि एलीफैंट कॉरिडोर को ध्यान में रखते हुए उन स्थानों में रेलवे ट्रैक पर अंडर पास बनाया जाए ।
आज कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने कॉर्बेट नैशनल पार्क में बाघों के शिकार के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की । न्यायालय में अपर मुख्य सचिव और मुख्य वाइल्डलाइफ वार्डन व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। न्यायालय ने जानवरों की सुरक्षा को देखते हुए सख्त रुख अपनाया । उन्होंने रिसोर्ट मालिकों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर एफ.आई.आर. दर्ज करने के निर्देश दिए, जहां पिछले दिनों पालतू हाथी पाए गए थे । न्यायालय ने सरकार से एक बार फिर पूछा है कि स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फ़ोर्स और वन गुज्जरों का विस्थापन कब तक किया जाएगा।
साथ ही न्यायालय ने केंद्रीय रेल मंत्रालय और सड़क परिवहन मंत्रालय को कहा है कि एलीफैंट कॉरिडोर को ध्यान में रखते हुए रेलवे ट्रैक पर अंडर पास बनाए जाएं । न्यायालय ने सरकार को कैमरा ट्रैप लगाने की जिम्मेदारी वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया को देने के निर्देश दिए है। न्यायालय ने सरकार से ये भी पूछा है कि क्या उन्हें वन्यजीवों के प्रति किसी भी तरह की करुणा नही है ?
उत्तराखण्ड हाई कोर्ट ने हिमालयन युवा ग्रामीण विकास संस्थान रामनगर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त रूख अपनाया है।

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