हाईकोर्ट ने पूछा “एनआईटी जैसा संस्थान राज्य से बाहर जाने का दुख नही है क्या !!

कमल जगाती, नैनीताल

उत्तराखण्ड के श्रीनगर से प्रतिष्टित एन.आई.टी.कैंपस जयपुर ले जाने पर उच्च न्यायालय ने राज्य और केंद्र सरकार से पूछा है कि “क्या उन्हें इस बात का कोई दुख नहीं है कि राष्ट्र स्तर का एक संस्थान राज्य से बाहर जा रहा है”?
उच्च न्यायालय ने आज एन.आई.टी.को श्रीनगर गढ़वाल से राजस्थान के जयपुर शिफ्ट करने को लेकर
याचिकाकर्ता जसवीर सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति रमेश चंद खुल्बे की खंडपीठ ने इतना महत्वपूर्ण संस्थान आसानी से राज्य से बाहर जाने पर दोनों सरकारों पर सवालिया प्रश्नचिह्न लगाए हैं।

राज्य सरकार, केंद्र सरकार और एन.आई.टी.प्रबंधन ने अपना जवाब न्यायालय में पेश किया। केंद्र सरकार ने न्यायालय को बताया कि उत्तराखंड सरकार एन.आई.टी.कैंपस निर्माण के लिए उन्हें स्थान ही उपलब्ध नहीं करा रही है। न्यायालय ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिजय नेगी से कहा है कि वो दोनों सरकारों और एन.आई.टी.के जवाब पर प्रतिक्रिया कोर्ट में पेश करे। केस की अगली सुनवाई मार्च माह में होनी तय हुई है।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts