विधानसभा सत्र में अपनों की आंच में झुलसी सरकार। दो बच्चे वालों के पंचायत चुनाव लड़ने पर फैसला कल

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सरकार अपनी ही पार्टी के विधायकों के निशाने पर रही। पूरे प्रदेश के लोगों की निगाह आगामी पंचायत चुनाव में दो बच्चों वाले उम्मीदवारों को लेकर होने वाले फैसले पर टिकी थी लेकिन इस पर चर्चा अब कल हो पाएगी। कांग्रेस के विधायकों ने जहां अपेक्षाकृत काफी नरम रुख अपना […]

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सरकार अपनी ही पार्टी के विधायकों के निशाने पर रही। पूरे प्रदेश के लोगों की निगाह आगामी पंचायत चुनाव में दो बच्चों वाले उम्मीदवारों को लेकर होने वाले फैसले पर टिकी थी लेकिन इस पर चर्चा अब कल हो पाएगी।

कांग्रेस के विधायकों ने जहां अपेक्षाकृत काफी नरम रुख अपना के रखा वहीं, भाजपा विधायकों ने सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं रखी।
भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना और विनोद चमोली ने अपने सवालों से सरकार को खूब घेरा। यहां तक कि संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक भी अपनी ही पार्टी के विधायकों के सवालों से काफी बार असहज दिखे। सत्तापक्ष के विधायकों के सवाल पर समाज कल्याण मंत्री पाल आर्य भी घिर गए। यशपाल आर्य वृद्धावस्था पेंशन पति पत्नी को न मिलने के सवाल पर घिरे। यह सवाल कांग्रेस विधायक ममता राकेश ने उनसे पूछा था। वहीं जब सुरेंद्र सिंह जीना ने सरकार से पूछा कि कैबिनेट के फैसले को विभाग कैसे बदल सकता है तो संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक तक से जवाब देते नहीं बना। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के सकारात्मक रवैये के चलते सरकार की फजीहत फिलहाल बच गई।
निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार ने राज्य के तीर्थ स्थानों में अवस्थापना सुविधाओं को लेकर सवाल पूछा तो पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उनके पास फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। महाराज ने कहा कि इस तरह की व्यवस्थाएं आयुक्त तथा स्तर पर की जाती हैं।
विधायक देशराज कर्णवाल ने पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश की तरह उत्तराखंड में भी किसानों से सिंचाई की आपासी माफ करने पर विचार किया जा रहा है तो सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि ऐसा कोई विचार नहीं है।
नियम 58 में कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने राज्य आंदोलनकारियों का मुद्दा उठाया तथा कहा कि अलग राज्य का गठन कराने वाले राज्य आंदोलनकरी आज भी आंदोलन कर रहे हैं।
आज उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2019 सदन में किया पेश गया।
 आज नियम 58 में ज़िला विकास प्राधिकरण का मुद्दा भी उठा। विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने सरकार से पूछा सवाल कि सभी जिलो में पहले से विकास प्राधिकरण काम कर रहे हैं तो फिर किन कारणों के चलते ज़िला विकास प्राधिकरण का गठन किया गया ! विधायक करन माहरा ने भी ज़िला विकास प्राधिकरण पर सवाल पूछा।
ट्रेकिंग व्यवसाय को लेकर कांग्रेस विधायक  मनोज रावत ने नियम 58 में मुद्दा उठाया।
सदन में क़ानून ब्यवस्था पर चल रही है चर्चा के दौरान संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कानून ब्यवस्था पर सरकार का पक्ष रखा। विपक्ष के सवालों पर  संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक बोले कि कांग्रेस शासनकाल के मुताबिक पिछले 2 सालों में अपराध कम हुआ है। कौशिक ने अपराध के आंकड़ों में पिछले 2 सालों में गिरावट आई है।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर लचर क़ानून ब्यवस्था का आरोप लगाया। इंदिरा हृदयेश ने  कहा कि सरकार जबाब देने में आना कानी कर रही है। करन मेहरा ने भी अधिकारियों पर सूचना देने के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया। इस बीच विपक्ष ने किया सदन से वॉकआउट किया। सत्र 1 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। कल भी सदन की कार्रवाई जारी रहेगी।

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