एक्सक्लुसिव खुलासा: महिलाओं ने श्रमदान से बनाई सड़क, जिला पंचायत ने फर्जी बिल मस्टरोल लगाकर डकारे 70 लाख

अनुज नेगी 
जिला पंचायत पौड़ी के संविदा कर्मचारी भ्रष्टाचार का तांडव मचाये हुए हैं,मगर जीरो टॉलरेंस की सरकार इन पर नकेल कसने में नाकाम साबित हो रही है।
सीएम के गृह जनपद पौड़ी के कल्जीखाल ब्लाक के तहत ग्रामसभा सकनी बाड़ी में वर्ष 2016 में अचानक प्रदेश भर में सुर्खियों में आ गया था ,क्योंकि यहां की मातृशक्ति ने बिना किसी सरकारी मदद के श्रमदान से तीन किलो मीटर से ज्यादा की सड़क से बनाई बना दी, जिसका उद्घाटन बतौर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया था।
सरकारी मदद के बिना श्रमदान से बनी थी सड़क 
 सरकारी मदद के बिना पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री दिनेश बिष्ट की अध्यक्षता में श्री राकेश रावत श्री जगमोहन डांगी, रविन्द्र बिष्ट, सुन्दर सिंह चौहान, दिल्ली स्थित प्रवासी शिव शक्ति संगठन एवं ग्रामीण लोगों ने जन सहयोग से इस सकनी बड़ी,सकनी छोटी एवं नैथाण तक इस जनशक्ति सड़क मार्ग को बिना किसी सरकारी मदद के आपसी सहयोग से बनाया था।
कर्मचारियों ने फर्जी बिल लगाकर हड़पे सत्तर लाख
मगर पौड़ी के जिला पंचायत के भ्रष्ट कर्मचारियों ने इस ऐतिहासिक सड़क को भी अपने भ्रष्टाचार के जाल में ऐसा लपेटा कि मातृशक्ति द्वारा श्रमदान में बनाई गई सड़क को दुबारा जिला पंचायत के कागजों में दिखा कर 60 से 70 लाख का सरकारी धन को हड़पा गया है।
ऐसे किया गबन
 इसी जनशक्ति मार्ग में कई लाखों के पुश्ते दिखाए गए जो धरातल पर कभी बने ही नहीं। जिला पंचायत पौड़ी द्वारा पहले तो सड़क को छोटे छोटे 3-3 लाख‌ के मस्टरोल में दर्शाया गया एवं फिर उनका नाम बदल कर दुबारा-तिबारा भुगतान अपने पार्टनरशिप वाले ठेकेदारों को किया गया।
आप समझ सकते हैं कि ये भ्रष्ट कर्मचारी कितने निडर हैं कि जो प्रदेश के मुखिया को भी नही छोड़ रहे,और मुख्यमंत्री के उद्घाटन वाले कार्यों को भी अपने स्वार्थ के लिए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दे रहे हैं।
अब देखना होगा जीरो टॉलरेंस का ड़ंका पीटने वाली त्रिवेंद्र सरकार इन भ्रष्ट कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही करती है !

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