‘समर कैपिटल’ से पहला ‘शासनादेश’ शराब का …

यह शासनादेश नई आबकारी नीति में पहले के जारी एक शासनादेश में संशोधन से सम्बन्धित है।
प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन द्वारा जारी आबकारी विभाग के इस अधिसूचना संशोधन आदेश के मुताबिक आगामी वित्त वर्ष के लिए नवीनीकृत होने वाले बार अनुज्ञापनों की लाइसेंस फीस के निर्धारण में कुछ संशोधन किया गया है।

संशोधित शासनादेश के अनुसार आगामी वित्त वर्ष के लिए नवीनीकृत होने वाले बार अनुज्ञापनों का नवीनीकरण अब एक, दो और तीन वर्ष के लिए कराया जा सकेगा। बार अनुज्ञापनों को 3 वर्ष के लिए एकमुश्त अनुज्ञापन शुल्क जमा कराकर नवीनीकृत किया जा सकेगा। इस संबंध में 10% की छूट अनुज्ञापन शुल्क पर अनुमन्य होगी। आबकारी नीति विषयक नियमावली वर्ष 2020-21 के नियम संख्या 2.1 में व्यवस्था दी गई है की आवेदन पत्र के साथ धरोहर राशि के रूप में संबंधित मदिरा दुकान के कुल राजस्व के ढाई प्रतिशत के बराबर धनराशि का बैंक ड्राफ्ट प्रस्तुत करना होगा। आवेदक जनपद की जिस सर्वाधिक राजस्व बोली राजस्व वाली देसी-विदेशी मदिरा या बीयर की दुकान की धरोहर राशि का बैंक ड्राफ्ट जमा करेगा, उससे जनपद में उस दुकान के लिए जमा की गई धरोहर राशि के ड्राफ्ट के सापेक्ष जनपद के समकक्ष राजस्व या उससे कम राजस्व की किसी भी मदिरा या बीयर की दुकान पर आवेदन कर सकेगा। यह व्यवस्था देसी-विदेशी मदिरा या बीयर की दुकानों के व्यवस्थापन के लिए लाटरी प्रक्रिया के दोनों चरणों में अपनाई जा सकेगी। इस ढाई प्रतिशत धरोहर राशि का समायोजन आवेदक को आवंटित अधिकतम दो मदिरा दुकानों के लाइसेंस फीस (एक प्रतिशत) में किया जाएगा।


इससे पहले जारी आदेश में कहा गया था कि अगले वित्त वर्ष के नवीनीकृत होने वाले बार लाइसेंसों को 3 साल के लिए एकमुश्त लाइसेंस शुल्क जमा कराकर नवीनीकृत किया जाएगा। इस संबंध में 10 फ़ीसदी की छूट अनुज्ञापन शुल्क पर देय होगी। नए बार लाइसेंस स्वीकृत होने पर नए बार लाइसेंसों को 3 वर्ष का लाइसेंस शुल्क एकमुश्त जमा कराना होगा। उसके सापेक्ष 3 वर्ष के लिए बार अनुज्ञापन निर्गत किया जाएगा परंतु नवीन बार अनुज्ञापनों को अनुज्ञापन शुल्क में 10 फ़ीसदी की छूट अनुमन्य नहीं होगी। इसी तरह आबकारी नीति विषयक नियमावली साल 2020-21 के नियम संख्या 2.1 में व्यवस्था की गई थी कि आवेदन पत्र के साथ धरोहर राशि के रूप में संबंधित मदिरा दुकान की कुल राजस्व के ढाई प्रतिशत के बराबर धनराशि का बैंक ड्राफ्ट प्रस्तुत करना होगा। नए संशोधन आदेश में पहले की दोनों शर्तों में बदलाव किया गया।(Courtesy deepak farshwan senior journalist)

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