खुलासा : किसान ऋण के लिए पटवारी बना रहे फर्जी भूमि प्रमाण पत्र !

केंद्र सरकार के निर्देश के बाद राज्य सरकार भी उत्तराखंड के किसानों के लिए कृषि ऋण को बढ़ाकर एक लाख से बढ़ाकर तीन लाख कर चुकी है। सरकार अभी तक किसानों को एक-एक लाख का दिया गया। वह लोन भी वसूल नहीं कर पाई है। ऐसे में सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए ₹तीन लाख […]

केंद्र सरकार के निर्देश के बाद राज्य सरकार भी उत्तराखंड के किसानों के लिए कृषि ऋण को बढ़ाकर एक लाख से बढ़ाकर तीन लाख कर चुकी है।
सरकार अभी तक किसानों को एक-एक लाख का दिया गया। वह लोन भी वसूल नहीं कर पाई है। ऐसे में सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए ₹तीन लाख का लोन प्रदान करने से इसकी वसूली भी नहीं हो पाएगी।
यहां तक कि कैग ने भी सरकार पर सवाल उठाया है कि सरकार उधार देने में तो अव्वल है लेकिन वसूली करने में फिसड्डी साबित हुई है।
कृषि ऋण हासिल करने के लिए अब किसान कई तरह के जुगाड़ लगा रहे हैं और उनको रास्ता दिखा रहे हैं क्षेत्र के पटवारी।
बागेश्वर जिले के एक पटवारी पर यह आरोप है कि उसने डेढ़ सौ अभ्यर्थियों के फर्जी भूमि प्रमाण पत्र जारी किए हैं।
गरुड़ तहसील के क्षेत्र के अंतर्गत गलई के पटवारी संजय कुमार ने सहकारी समिति से कृषि लोन के लिए सैकड़ों भूमि प्रमाण पत्र जारी किए हैं।
उदाहरण के तौर पर जिस किसान के पास 4 नाली जमीन है, उसकी हैसियत 40 नाली जमीन की कर दी है।
अभिलेखों के आधार पर भूमि प्रमाण पत्रों में दर्शाई गई भूमि का क्षेत्रफल अभिलेखों से कई गुना अधिक होने से क्षेत्र में लोग भौंचक हैं।
इसके साथ ही कई ऐसे परिवार जो सरकारी सेवा में कार्यरत हैं और उनके परिवार में सब लोग कमाने वाले हैं, उनकी मासिक आय ₹2400 से भी कम दिखाई गई है।
यह मामला प्रकाश में आने पर सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल बनवासी ने जिलाधिकारी बागेश्वर को एक शिकायती पत्र देते हुए कहा है कि तहसील गरुड़ क्षेत्रान्तर्गत पटवारी पिंगलो,गलई ने सहकारी समीति से कृषि लोन हेतु सैकड़ों फर्जी भूमि प्रमाण पत्र जारी किये हैं।
यह एक गम्भीर भ्रष्टाचार है, जबकि राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि प्रमाण पत्रों में दर्शायी गयी भूमि का क्षेत्रफल अभिलेखों के अनुसार कई गुना है।
सबसे बड़ी बात यह है कि पटवारी पिंगलों द्वारा जानबूझकर ऐसे फर्जी प्रमाण पत्र क्यों बनाये ?
गोपाल बनवासी ने सवाल उठाया है कि पटवारी क्षेत्र पिंगलों में दो-दो सरकारी पटवारी दफ्तर बने हैं। दोनों को बंजर छोड़ पटवारी संजय कुमार अपने क्षेत्र से 20किमी दूर बैजनाथ में किराये पर कार्यालय क्यों चला रहे है?
जबकि इतनी दूर जाने में दूर दराज के लोगों को आने जाने में मे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
 रिपब्लिकन पार्टी आँफ इण्डिया रिफाँरमिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल वनवासी ने किये गये भ्रष्टाचार की जाँच पूर्ण होने तक जिलाधिकारी से उक्त पटवारी संजय कुमार को सरकारी कोई भी कार्य करने से मुक्त करने की अपील की है।

Also Read This

बड़ी खबर: सचिवालय में सीएम धामी ने की हाई-लेवल मीटिंग । अफसरों को दे दिए ये कड़े निर्देश

देहरादून। देश के विभिन्न राज्यों में हाल के दिनों में सामने आई आग लगने की घटनाओं के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी सार्वजनिक भवनों...

8th Pay Commission: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, इन कर्मचारियों को मिलेगा OPS का लाभ

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों के बीच चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच केंद्र सरकार ने...

Related Posts