पहाड़ों में बढ़ते कोरोना संक्रमण के लिए सरकारी नीतियां जिम्मेदार–जिला महामंत्री ग्राम पंचायत संगठन उत्तरकाशी!

उत्तराखंड में कोरोना तीव्र गति से अपने पैर फैला रहा है एवं दिन प्रतिदिन कोरोना संक्रमितों का ग्राफ दिन प्रतिदिन  बढ़ता जा रहा है।पहाड़ में भी अब कोरोना ने अपने पैर पसार रहा है। कुल मिलाकर पहाड़ भी अब कोरोना की मार से पूर्ण रूपेण ग्रसित हो चुके हैं।उत्तरकाशी ग्राम पंचायत संघ के जिला महामंत्री […]

उत्तराखंड में कोरोना तीव्र गति से अपने पैर फैला रहा है एवं दिन प्रतिदिन कोरोना संक्रमितों का ग्राफ दिन प्रतिदिन  बढ़ता जा रहा है।पहाड़ में भी अब कोरोना ने अपने पैर पसार रहा है।
कुल मिलाकर पहाड़ भी अब कोरोना की मार से पूर्ण रूपेण ग्रसित हो चुके हैं।उत्तरकाशी ग्राम पंचायत संघ के जिला महामंत्री नवीन भंडारी ने कहा कि, सरकार की गलत नीतियां कोरोना के बढ़ते संक्रमण के लिए जिम्मेदार हैं।

यदि प्रवासियों को सीमाओं पर ही रोक दिया जाता एवं उन्हें कुछ दिन आइसोलेशन में रखा जाता हैं । जिससे पहाड़ में प्रवेश करने वाले प्रवासी कोरोना संक्रमण का माध्यम नहीं बनते परंतु ऐसी किसी भी प्रकार की नीति सरकार ने समय पर नहीं बनाई।जिसका खामियाजा आज पूरे पहाड़ को भुगतना पड़ा है।

जिला महामंत्री नवीन भंडारी ने रोजगार के विषय में गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि, मनरेगा ग्रामीण स्तर पर रोजगार के लिए एक सशक्त योजना है परंतु वर्तमान में स्थितियां कुछ ऐसी है कि, मनरेगा कर्मियों की हड़ताल के कारण रोजगार मिलना लगभग दुश्वार हो गया है। क्योंकि बड़ी मात्रा में प्रवासी गांव की ओर रुख कर रहे हैं एवं उनके समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस स्थिति में मनरेगा ही उनके समक्ष रोजगार का एकमात्र साधन है।

ग्राम प्रधान नवीन भंडारी ने कहा कि, कोरोना संक्रमण की इस विपदा में सरकार से मिलने वाली सरकारी सहायता ग्राम स्तर पर पर्याप्त नहीं है।  यदि कोविड संक्रमण को रोकना है तो सरकार को ग्रामीण स्तरों पर आर्थिक रूप से विशेष ध्यान देना होगा। उनकी सरकारी सुविधाएं पर्याप्त न होने के कारण ग्राम प्रधानों को प्राइवेट सहायता समूह से सहायता लेनी पड़ रही है।

आपको बता दें कि, नवीन भंडारी सदैव से ही अपने सामाजिक सरोकारों एवं सामाजिक सेवाओं के लिए पूरे जनपद में ख्याति वध है।

कोरोना की इस विपदा में नवीन भंडारी अपनी जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।

नवीन भंडारी ने कहा है कि, सरकार को पहाड़ में बढ़ रहे संक्रमण की तरफ विशेष ध्यान देना चाहिए।

क्योंकि पहाड़ के अधिकांश गांव अभी भी स्वास्थ्य सुविधाओं से कोसों दूर हैं।

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