चर्चित धर्मान्तरण मामले में फंडिंग का खुलासा,ए.टी.एस ने लिया एक्शन

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):-

देश के सबसे चर्चित धर्मान्तरण मामले में उमर गौतम को आई.एस.आई.से हुई फंडिंग का खुलासा होने के बाद उत्तर प्रदेश ए.टी.एस.ने गिरफ्तार कर लिया था ।

उमर गौतम और उसके एक साथी को रिमांड पर लिया गया है। विदेशों से आने वाली फंडिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा भी कसने लगा है।

श्याम प्रताप गौतम धर्मान्तरण कर मोहम्मद उमर गौतम कैसे बना और उसका देवभूमि उत्तराखंड से क्या कनेक्शन है, आइए हम आपको बताते हैं ।

पंतनगर विश्वविद्यालय में उमर के साथ पढ़े छात्र अब विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों बन गए हैं । उन्होंने बताया कि एस के गौतम यानी उमर, कृषि विज्ञान का एक होनहार विद्यार्थी था । श्याम ने वर्ष 1982 में बी.एस.सी.कृषि के लिए उत्तराखंड में पंतनगर की गोविन्द बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया।

वर्ष 1983 में उसके पड़ोस के मुस्लिम साथी ने उसका ब्रेन वॉश कर, धर्मान्तरण की ओर प्रेरित किया और 1984 में श्याम प्रताप गौतम ने पूर्ण रूप से धर्मपरिवर्तन कर अपना नाम मोहम्मद उमर गौतम रख लिया। इस पूरे प्रकरण में उसके रिश्तेदारों ने उसके परिवार से रिश्ता तक तोड़ लिया । कॉलेज कैम्पस में दोस्तों के साथ रिश्तों में भी भिन्नता आने आने लगी ।

उमर ने धर्मान्तरण करने के बाद अपनी पहली जुमे की नमाज़ भी पंतनगर यूनिवर्सिटी के बाहर बनी मस्ज़िद में पड़ी, उमर का उस मस्ज़िद से गहरा नाता है। उमर जब भी उत्तराखण्ड में आता है, तो वह पंतनगर के पास बनी मस्ज़िद और यूनिवर्सिटी के पुराने दोस्तों से मिलकर जाता है। उमर के साथ पढ़ने वाली साथी अब पंतनगर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत हैं।

जब उमर ने अपना धर्मान्तरण किया तब उसे समाजिक बहिष्कार झेलना पड़ा था, जिसके चलते उमर धर्मगुरू और प्रचारक के तौर पर देश विदेश जाने लगा । उमर और उसके साथी को धर्मान्तरण के नाम चलाये जा रहे गिरोह में आई.एस.आई.की फंडिंग का मामला सामने आते ही, उत्तर प्रदेश ए.टी.एस.ने गिरफ्तार कर, रिमांड पर लिया है। साथ ही सभी सरकारी सुरक्षा एजेंसियां एक्टिव मोड पर आ गई हैं।

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