देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में रोबॉटिक सॉफ्टवेयर के विकास पर विशेषज्ञों का मंथन

रोबॉटिक सॉफ्टवेयर के विकास और उसके विभिन्न क्षेत्रों में तैनाती के मद्देनज़र देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में कार्यशाला की शुरुआत हुयी, जिसमें कंप्यूटर विशेषज्ञों द्वारा रोबोटिक प्रॉसेस ऑटोमेशन आधारित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है।   सोमवार को मांडूवाला स्थित देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटिंग द्वारा इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एकेडेमी […]

रोबॉटिक सॉफ्टवेयर के विकास और उसके विभिन्न क्षेत्रों में तैनाती के मद्देनज़र देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में कार्यशाला की शुरुआत हुयी, जिसमें कंप्यूटर विशेषज्ञों द्वारा रोबोटिक प्रॉसेस ऑटोमेशन आधारित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है।  

सोमवार को मांडूवाला स्थित देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटिंग द्वारा इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एकेडेमी ऑफ़ तमिलनाडु के सहयोग से पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ, जिसमें आईसीटी अकादमी के प्रशिक्षक रघुवेन्द्र सिंह ने रोबोटिक प्रणाली पर प्रकाश डाला।  इस दौरान उन्होंने रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (आरपीए) डिज़ाइन एवं विकास पाठ्यक्रम से शिक्षक प्रशिक्षुओं को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में रोबोटिक प्रॉसेस आधारित प्रणालियां उपयोग में लायी जा रही हैं, जिस कारण इनके निर्माण और कार्यान्वयन के क्षेत्र में छात्रों के लिए अपार संभावनाएं हैं।  इसके मद्देनज़र यूआई पाथ उत्पादों के सन्दर्भ में आरपीए डिज़ाइन एवं विकास रणनीति और कार्यप्रणाली को समझना आवश्यक है। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों से आये शिक्षकों के साथ रोबोटिक आधारित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गयी साथ ही लैब में रोबोटिक सॉफ्टवेयर प्रणाली का प्रदर्शन किया गया।  पांच दिनों तक चलने वाली कार्यशाला में इंट्रोडक्शन टू यूआई पाथ, डेटा मैनीपुलेशन, वेब एक्सट्रैक्शन, रोबोटिक प्रॉसेस ऑटोमेशन जैसे विषयों पर चर्चा की जायेगी।  कार्यक्रम के दौरान उपस्थित उपकुलपति डॉ आरके त्रिपाठी ने रोबोटिक प्रॉसेस ऑटोमेशन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। वहीं, डीन स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटिंग डॉ रितिका मेहरा ने रोबोट सॉफ्टवेयर के विकास पर अपने विचार रखे।  इस दौरान रजिस्ट्रार डॉ पंकज राणा, आईसीटी एकेडेमी के संयोजक आदित्य सिंह आदि उपस्थित रहे। 

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