प्रभागीय वनाधिकारी को किसान मंच प्रदेश अध्यक्ष का पत्र: “ग्रामीणों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी”

किसान मंच उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष कार्तिक उपाध्याय ने भाबर क्षेत्र के गांवों में जंगली जानवरों की बढ़ती घटनाओं को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ), तराई केंद्रीय वन प्रभाग को पत्र लिखते हुए गंभीर चेतावनी दी है,उन्होंने वन विभाग पर ग्रामीणों की समस्याओं को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई,तो किसान मंच बड़ा आंदोलन करेगा।

किसान पुत्र उपाध्याय ने कहा, “ग्राम हरिपुर मोतिया में बाघिन द्वारा शावकों को जन्म देना और आस-पास के गांवों में मवेशियों के गायब होने की घटनाएं गंभीर समस्या हैं,ग्रामीण भय के साये में जी रहे हैं,और वन विभाग की उदासीनता उनकी समस्याओं को और बढ़ा रही है।”

किसान पुत्र उपाध्याय ने वन विभाग से निम्नलिखित कार्यवाही की मांग की:

1. जंगली जानवरों की गतिविधियों की सतत निगरानी।

2. ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और उपकरणों का उपयोग।

3. आपात स्थितियों के लिए एक मजबूत और प्रशिक्षित दल की तैनाती।

4. प्रभावित ग्रामीणों को समय पर मुआवजा।

5. जागरूकता अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षा के उपायों की जानकारी देना।

किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष किसानपुत्र कार्तिक उपाध्याय ने चेतवानी देते हुए ने स्पष्ट किया कि यदि वन विभाग ने अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं लिया,तो किसान मंच ग्रामीणों के साथ सड़कों पर उतरेगा और इसका परिणाम वन विभाग को भुगतना होगा।

उन्होंने कहा, “यह मुद्दा केवल जंगल और गांव के बीच का नहीं है, यह हमारे ग्रामीण समाज की सुरक्षा और उनकी आजीविका का सवाल है। किसान मंच हर कदम पर ग्रामीणों के साथ खड़ा रहेगा।”
किसान मंच ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समस्या का समाधान तब तक संभव नहीं है, जब तक वन विभाग प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई नहीं करता।

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