गीता के ज्ञान से तैयार हो रहे बाल बैज्ञानिक

ग्रामीण स्तर के दो छात्रों का राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान प्रतियोगिता में हुआ चयन

गिरीश गैरोला//

सीमांत जनपद उत्तरकाशी के जीआईसी डुंडा के दो छात्रों ने जनपद का नाम रोशन किया है। ग्रामीण परिवेश के दो छात्र संघ प्रिय गौतम और कु चेतना का नेशनल साइंस फेयर फेस्टिवल 2018  में राष्ट्रीय स्तर चयन हुआ हैं । १६ से १९ जनवरी तक राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र भैरव मार्ग नई दिल्ली में नेशनल साइंस फेयर फेस्टिवल २०१८ चल रहा है।

गीतांजलि जोशी वर्ष २००१ से राजकीय इंटर कॉलेज डुंडा में बतौर गणित प्रवक्ता कार्यरत हैं । इस दौरान वह १५० बच्चों को विज्ञान प्रतियोगिता के स्टेट लेवल में प्रतिभाग करा चुकी हैं और ११ बच्चों को नेशनल तक पहुंचा चुकी हैं। गणित की प्रवक्ता गीतांजलि जोशी ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल साइंस फेयर फेस्टिवल में चुने गए दो बच्चे बेहद गरीब घरों से ताल्लुक रखते है। जिन्हें स्कूल समय के अलावा अपने घर पर बुलाकर अतिरिक्त समय में विशेष तैयारियां करवाकर उनके प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई गई है ।उन्होंने बताया राष्ट्रीय प्रतिभा दिखाने वाले इस वर्ष के छात्र संघ प्रिय गौतम के पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं , वही ११वी में पढ़ने वाली चेतना के पिताजी भेड़ पालक के पास धियाड़ी में नौकरी करते हैं ऐसे हालात नमें राष्ट्रीय स्तर पर बच्चों की वैज्ञानिक सोच की प्रतिभा का आकलन उनके लिए गौरवान्वित करने वाला क्षण है ।

उन्होंने बताया इस बार ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत थीम पर प्रोजेक्ट तैयार किया जाना था, जिसमें इन छात्रों द्वारा कुटीर उद्योग में चरखी द्वारा बिजली उत्पादन और आकाशीय बिजली का उपयोग थीम पर मॉडल बनाए गए थे। इस वर्ष राज्य स्तर पर ४ छात्रों का चयन हुआ था जिनमें से २ छात्रों संघ प्रिय गौतम और शिवानी को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने का मौका मिला है। गीतांजलि जोशी शिक्षिका की माने तो प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती उसे तो बस एक मौके की तलाश होती है। ऐसे कई और बच्चे उत्तराखंड के पहाड़ों में हैं जिनके अंदर प्रतिभा तो है किंतु उनकी प्रतिभा को पहचान करने वाले की कमी जरूर है।

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