बड़ी खबर: खड़िया खनन पर हाईकोर्ट सख्त। एसएसपी से मांगी रिपोर्ट

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बागेश्वर की कांडा तहसील के कई गांव में खड़िया खनन से आई दरारों संबंधी स्वतः संज्ञान जनहित याचिका(पी.आई.एल.)में बागेश्वर एस.एस.पी.ने अवगत कराया कि अभी तक 55 खड़िया खदानों पर कार्यवाही की जा चुकी है, जबकि बाकि की खदानों पर कार्यवाही की प्रकिया जारी है। इसपर, खण्डपीठ ने एस.एस.पी.को […]

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बागेश्वर की कांडा तहसील के कई गांव में खड़िया खनन से आई दरारों संबंधी स्वतः संज्ञान जनहित याचिका(पी.आई.एल.)में बागेश्वर एस.एस.पी.ने अवगत कराया कि अभी तक 55 खड़िया खदानों पर कार्यवाही की जा चुकी है, जबकि बाकि की खदानों पर कार्यवाही की प्रकिया जारी है। इसपर, खण्डपीठ ने एस.एस.पी.को बाकि खदानों का मुआयना कर सोमवार तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को होनी तय हुई है।
मामले के अनुसार, बागेश्वर निवासी हीरा सिंह पपोला ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा कि बागेश्वर की कपकोट तहसील के रीमा घाटी, गुलाम प्रगड और भीयूँ गाँव में सरकार ने खनन पट्टा दिया है। खनन माफयाओं ने बहुत अधिक अवैध खनन किया और इसे बाहर ले जाने के लिए वन भूमि में अवैध रूप से सड़क निर्माण की। अंधाधुंध हो रहे खनन के चलते गाँव के जलस्रोत सूखने की कगार पर पहुँच चुके है। याचिकाकर्ता का कहना है कि अवैध रूप से किए जा रहे खनन के दुष्प्रभाव से गाँव को बचाया जाए। अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने बताया कि अभी तक 55 खड़िया खदानों पर कार्यवाही की जा चुकी है, जबकि बाकि की खदानों पर कार्यवाही की प्रकिया जारी है। कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और सुनवाई 10 मार्च को होगी।

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