बड़ी खबर: सड़क और पानी की मांग पर ग्रामीणों का ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ आंदोलन

चमोली जिले की ग्राम सभा तल्ला मोख के तीन तोक – चकलाखेत, चाँचड़ी और मल्ला बारों – की करीब 70% आबादी आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ब्लॉक एवं जिला मुख्यालय के नजदीक होने के बावजूद, यह क्षेत्र अब तक सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है।

ग्रामीणों ने किया पंचायती चुनाव के बहिष्कार का ऐलान

सरकारी तंत्र की उदासीनता से तंग आकर अब ग्रामीणों ने “रोड नहीं तो वोट नहीं” अभियान शुरू किया है। उन्होंने आगामी त्रिस्तरीय पंचायती चुनावों के बहिष्कार की घोषणा की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ग्राम सभा के सभी तोकों को सड़क मार्ग से नहीं जोड़ा जाता, तब तक वे किसी भी चुनाव में भाग नहीं लेंगे।

बढ़ते जल संकट से भी परेशान हैं ग्रामीण

ग्राम सभा में पीने के पानी की भी भारी किल्लत बनी हुई है। वर्तमान जलापूर्ति योजना पर्याप्त नहीं है, जिससे आने वाले गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है। पानी की समस्या को लेकर भी ग्रामीणों में आक्रोश है, और उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं मिला तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।

ग्रामीणों की चेतावनी – पहले सड़क और पानी, फिर वोट

ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेना व्यर्थ है। यदि प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे इस आंदोलन को और तेज करेंगे

अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस स्थिति को हल करने के लिए क्या कदम उठाता है या फिर ग्रामीणों को अपने हक के लिए कोई बड़ा आंदोलन छेड़ना पड़ेगा।

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