भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने अपने त्यागपत्र में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा कि यह निर्णय उन्होंने डॉक्टरी सलाह के आधार पर लिया है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67(ए) का उल्लेख करते हुए तत्काल प्रभाव से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया।
धनखड़ ने अपने पत्र में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने लिखा,
“आपके अटूट समर्थन और मेरे कार्यकाल के दौरान हमारे बीच बने सुखद और अद्भुत कार्य संबंधों के लिए अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।”
देश की प्रगति पर जताया गर्व
जगदीप धनखड़ ने कहा कि इस जिम्मेदार और प्रतिष्ठित पद से विदा लेते हुए उन्हें गर्व है कि वे भारत के वैश्विक उत्थान और अभूतपूर्व विकास का हिस्सा बने।
“भारत की आर्थिक प्रगति और घातीय विकास को देखना मेरे लिए सौभाग्य और संतोष की बात रही। यह राष्ट्र के इतिहास का परिवर्तनकारी युग है, जिसमें सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही।”
सांसदों के प्रति जताया आभार
धनखड़ ने संसद सदस्यों को उनके विश्वास और स्नेह के लिए धन्यवाद देते हुए लिखा:
“सभी माननीय सांसदों से जो गर्मजोशी और स्नेह मिला, वह मेरी स्मृति में सदैव रहेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उपराष्ट्रपति के रूप में जो अनुभव और अंतर्दृष्टि मिली, वह उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेगी।






