देहरादून: उत्तराखंड के भूविज्ञान एवं खनिकर्म विभाग को SKOCH अवार्ड – इंडियाज ऑनेस्ट इंडिपेंडेंट ऑनर से नवाजा गया है। यह सम्मान विभाग की खनन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम (MDTSS) के लिए प्रदान किया गया, जो ई-रवाना निगरानी में डिजिटल परिवर्तन और निगरानी प्रणाली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित समारोह में विभाग के निदेशक, भूविज्ञान एवं खनिकर्म को सौंपा गया।
विभाग के अनुसार, MDTSS प्रणाली राज्य में खनन गतिविधियों को पारदर्शी, कुशल और निगरानी योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस सिस्टम की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
1. **MDTSS (खनन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम)**: यह एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसमें हिमालयन क्षेत्र की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए खनन प्रक्रियाओं को डिजिटाइज किया गया है। इसमें मुद्रित विवरण की आवश्यकता नहीं है, और यह ई-रवाना प्रणाली पर आधारित है।
2. **RFID/ANPR आधारित निगरानी**:
– वाहन-ट्रैकिंग और स्वचालित ट्रांजिट पास।
– RFID टैग आधारित निरीक्षण आवागमन।
– ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरा समर्थन।
– उल्लंघन पर ऑटोमेटेड ई-चालान और अलर्ट।
– विभिन्न वेट ब्रिज के साथ एकीकरण।
3. **वेट ब्रिज (वेइंग ब्रिज) एकीकरण**:
– वाहन वजन का रीयल-टाइम रिकॉर्ड।
– ऑटोमेटेड और सटीक वजन।
– ओवरलोडिंग की पहचान और अलर्ट।
– विभिन्न वेटब्रिज प्रणालियों का एकीकरण।
4. **केसकेड कमांड एंड कंट्रोल बोर्ड**:
– राज्य स्तर पर गतिविधियों की रीयल-टाइम निगरानी।
– डैशबोर्ड पर डेटा का उपयोग।
– लाइव अलर्ट और उल्लंघन ट्रैकिंग।
– KPI और प्रदर्शन मॉनिटरिंग।
5. **बाहरी प्रणालियों से एकीकरण**:
– IFMS से राजस्व संग्रहण।
– मुख्यालय पोर्टल / ई-परमिट सिस्टम।
6. **परिवहन विमान (VAHAN)**, **परमिट गेटवे**, **रीयल-टाइम एंड स्टेट वाइज निगरानी**, **स्वचालित राजपत्र गणना**, **राज्य हदी की रोकथाम**, **विस्तृत समन रिपोर्ट** जैसी सुविधाएं भी इस प्रणाली का हिस्सा हैं।
विभाग ने बताया कि MDTSS के माध्यम से राज्य में ई-रवाना प्रणाली को मजबूत किया गया है, जिससे अवैध खनन पर अंकुश लगा है और राजस्व संग्रहण में वृद्धि हुई है। यह प्रणाली सुरक्षा फीचर्स से लैस है, जिसमें सिक्योरिटी फीचर्स जैसे यूनिक क्यूआर कोड (Unique QR Code), वॉटरमार्क (Watermark), माइक्रो-टेक्स्ट (Micro-text), अमिट स्याही (Indelible Ink) आदि शामिल हैं। इसके अलावा, ई-रवाना प्रणाली की नकल (Duplicacy) की जांच भी स्वचालित रूप से की जाती है।
यह पुरस्कार उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है, जो राज्य की डिजिटल पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करता है। विभाग के अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में ऐसी और नवाचारपूर्ण प्रणालियों को लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई।




