रामनगर, मोहान औद्योगिक क्षेत्र में आईएमपीसीएल पर सार्वजनिक संपत्ति घेरने के आरोप, ग्रामीणों में रोष

रामनगर के मोहान औद्योगिक क्षेत्र में स्थित आईएमपीसीएल फैक्ट्री एक विवाद के केंद्र में आ गई है। स्थानीय निवासियों ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने सार्वजनिक उपयोग की जगहों को अपनी सीमा में शामिल कर अवैध कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों के मुताबिक, फैक्ट्री प्रबंधन ने पंप हाउस और उस पुराने रास्ते पर कंटीले तारों की बाड़ लगाई है, जिसका उपयोग आसपास के गांव दशकों से करते आ रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग मोहन ग्राम, बकरा कोट, सेमल खेत, घोड़ी सहित कई गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख रास्ता रहा है। इन्हीं रास्तों से ग्रामीण घास-लकड़ी ढोते हैं और नदी की ओर आते-जाते हैं। बकरा कोट गांव के लोगों के अनुसार, उनके पैतृक श्मशान घाट तक पहुंचने का यही एक पारंपरिक मार्ग है, जिसे अचानक घेरकर बंद कर देना उनके अधिकारों का हनन है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे भी लगा दिए हैं, जिससे लोगों को असहजता महसूस हो रही है।

स्थानीय निवासियों ने यह भी दावा किया कि कंपनी द्वारा पानी के स्रोतों पर रोक लगाने से क्षेत्र में छोटे उद्यमों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि आईएमपीसीएल ने कई एकड़ भूमि को गलत तरीके से जंगल बताकर उत्तराखंड लैंड बैंक का दुरुपयोग किया और इससे सरकारी संसाधनों पर भी असर पड़ा है।

ग्रामीणों ने इन सभी मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति से लेकर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, कंपनी प्रबंधन और सीएम हेल्पलाइन तक लिखित शिकायतें भेजी हैं। सिडकुल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच का आश्वासन दिया है।

फिलहाल, ग्रामीणों में भारी नाराज़गी है और वे अतिक्रमण हटाने के लिए जल्द कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts