पुरोला में कुमोला–नौरी मोटर मार्ग के निर्माण में अनियमितताओं के आरोप, ग्रामीणों में रोष

01मार्च 2026
रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
विकासखण्ड पुरोला के अंतर्गत कुमोला–नौरी मोटर मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने ठेकेदार पर निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी करने और घटिया सामग्री के उपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
#द्वितीय चरण का कार्य जारी, गुणवत्ता पर उठे सवाल
कुमोला–नौरी मोटर मार्ग पिछले दो-तीन वर्षों से निर्माणाधीन है। सड़क के डामरीकरण के बाद अब सुरक्षात्मक कार्यों के तहत भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और खेतों के समीप सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन इसी कार्य में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
नौरी निवासी महावीर सजवाण, खजान चौहान और बृजमोहन सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क पर बनाई जा रही सुरक्षा दीवारों में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा। उनका कहना है कि दीवार निर्माण में रेत के स्थान पर मिट्टी मिला पत्थर का चूरा और डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है, जिसे पास के खाले से उठाया जा रहा है। साथ ही दीवारों में लगाए जा रहे पत्थर भी कच्चे और कमजोर हैं, जो निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप नहीं हैं।
#एक वर्ष में उखड़ा डामर, करोड़ों की लागत पर सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर करोड़ों रुपये की लागत से डामरीकरण कार्य किया गया था, लेकिन एक वर्ष से भी कम समय में सड़क कई स्थानों पर उखड़ गई और बदहाल स्थिति में पहुंच गई। इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी हुई है, बल्कि आम जनता को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने ठेकेदार और विभाग के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद कार्य में सुधार नहीं किया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विभाग का पक्ष
#इस संबंध में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिशासी अभियंता वाई.के. सिंह ने कहा कि कार्य मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है। यदि कहीं किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसे तुरंत दुरुस्त कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित सहायक अभियंता को इस विषय में निर्देशित कर दिया गया है।
#ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने, घटिया सामग्री के उपयोग पर रोक लगाने और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें जीवनरेखा के समान होती हैं, इसलिए इनके निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए

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