अंकिता भंडारी हत्याकांड: कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन तेज, बीजेपी ने दी राजनीतिक साजिश की चेतावनी

देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। इस प्रकरण पर विभिन्न पक्षों से बयान आ रहे हैं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस इस मामले को प्रमुखता से उठाकर जनता के बीच अपनी आवाज बुलंद करने की कोशिश में जुटी हुई है। इसी क्रम में युवा कांग्रेस के सदस्यों ने देहरादून में भाजपा शहर मुख्यालय की ओर मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने कनक चौक पर अवरोध लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई और झड़पें हुईं। अंततः पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में छोड़ दिया।

 

प्रदर्शन का नेतृत्व: आज सुबह देहरादून में युवा कांग्रेस की राज्य उपाध्यक्ष स्वाति नेगी की अगुवाई में कई सदस्य कांग्रेस राज्य मुख्यालय राजीव भवन पर एकत्र हुए। वहां से वे नारे लगाते हुए भाजपा शहर मुख्यालय की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने कनक चौक पर बाधा डालकर उनका रास्ता रोक लिया। रोकने पर प्रदर्शनकारी उत्तेजित हो गए और पुलिस के साथ आगे बढ़ने को लेकर गर्मागर्म बहस हुई।

 

पुलिस की कार्रवाई: इस दौरान युवा कांग्रेस की राज्य महासचिव कविता माही, एनएसयूआई की रिया राणा और कांग्रेस की राज्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी जैसे सदस्य भाजपा मुख्यालय के निकट पहुंचने में सफल रहे, लेकिन महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया और वापस अवरोध स्थल पर लाया गया। काफी समय तक हंगामा चलने के बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन पहुंचाया।

 

हल्द्वानी में मोमबत्ती जुलूस: युवा कांग्रेस की राज्य उपाध्यक्ष स्वाति नेगी ने इस पूरे प्रकरण को राज्य की छवि पर दाग लगाने वाला करार दिया। उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की। दूसरी ओर, हल्द्वानी में विधायक सुमित हृदयेश की अगुवाई में कांग्रेस सदस्यों और पदाधिकारियों ने मोमबत्ती जुलूस निकाला। उन्होंने अंकिता भंडारी को याद करते हुए न्याय की गुहार लगाई। सुमित हृदयेश ने कहा, “अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलिस अभी तक उस कथित प्रमुख व्यक्ति की पहचान नहीं कर पाई, जिसके लिए रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाया गया। इसलिए कांग्रेस अंकिता भंडारी के न्याय के लिए मोमबत्ती जुलूस निकालते हुए एक बार फिर मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रही है।”

 

भाजपा का पलटवार: राज्य दर्जा प्राप्त मंत्री दिनेश आर्य ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा के वरिष्ठ नेता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है। अनुसूचित वर्ग इसकी कड़ी निंदा करता है और समाज में गुस्सा फैल रहा है। उन्होंने जोड़ा कि अंकिता के अपराधियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कांग्रेस राज्य में अपना आधार खो चुकी है और ऐसे मुद्दों के माध्यम से भाजपा नेताओं की छवि धूमिल करने की कोशिश करती है, जिसके खिलाफ अनुसूचित वर्ग कांग्रेस का विरोध कर रहा है।

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