उत्तराखंड राज्य में अपराध की दर में लगातार वृद्धि एक गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों से रोजाना हिंसक घटनाएं, जैसे मारपीट, यौन उत्पीड़न और आपराधिक कृत्य, रिपोर्ट हो रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में असुरक्षा की भावना फैल रही है।
चाहे राजधानी देहरादून हो या पहाड़ी इलाकों के जिले, इस तरह की घटनाएं नियमित रूप से सामने आ रही हैं। ऐसा लगता है कि अपराधियों में कानूनी कार्रवाई का डर खत्म हो चुका है। हाल ही में उधम सिंह नगर जिले में एक महिला के साथ उसके सगे संबंधी की मौजूदगी में सामूहिक दुष्कर्म की शर्मनाक घटना हुई थी। वहीं, श्रीनगर गढ़वाल में पुलिस ने एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती पर हमले की कोशिश करने वाले संदिग्ध को हिरासत में लिया था।
अब चमोली जिले के मुख्यालय गोपेश्वर से भी एक अवयस्क लड़की के साथ यौन शोषण की घटना सामने आई है। गोपेश्वर थाने के अधिकारियों ने बताया कि 24 फरवरी को एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 23 फरवरी की शाम को गौरव सेंजवाल (उम्र 23 वर्ष, निवासी कुंड कॉलोनी, गोपेश्वर, पिता का नाम स्वर्गीय श्याम दास) ने उनकी 15 वर्षीय बेटी को लालच देकर अपने साथ ले गया था।
आरोपी ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध स्थापित किए और इस अपराध को अंजाम दिया। इसके अलावा, उसने घटना का जिक्र करने पर जान से मारने की चेतावनी भी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर गोपेश्वर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 65, 137(2), 315(3) और पॉस्को एक्ट की धारा 5(जी)/6 के तहत मामला दर्ज किया।
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने इस अवयस्क के साथ हुए अपराध को अत्यंत गंभीर मानते हुए गोपेश्वर के प्रभारी निरीक्षक को तत्काल आरोपी को पकड़ने के आदेश दिए। उन्होंने जोर दिया कि गिरफ्तारी में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
इसके बाद प्रभारी निरीक्षक गोपेश्वर की अगुवाई में एक टीम गठित की गई और संदिग्ध की तलाश शुरू की गई। पुलिस की सतर्कता से गौरव को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। चमोली पुलिस ने कहा कि वे न सिर्फ अपराधों की रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि महिलाओं से जुड़े अपराधों को नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।




