कोरोना काल में उत्तराखंड के फल-सब्जी उत्पादकों को तगड़ा झटका

देहरादून। कोविड-19 के चलते देहरादून कृषि मण्डी बंद होने के चलते किसान व बागवानों की फलों व सब्जियां खराब हो रही हैं। इससे काश्तकारों के लिए आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
बताते चलें कि देहरादून निरंजनपुर मंडी में कुछ आढ़तियों व वेंडर के कोरोना पॉजीटिव पाए जाने के बाद मंडी को सैनिटाइजेशन के लिए बंद करना पड़ा। इससे स्थानीय छोटे काश्तकारों की सब्जियां मंडी तक नहीं पहुंच पाने के कारण खराब हो गई।
कृषि मण्डी समिति देहरादून के सचिव विक्रम सिंह पंवार ने जिलाधिकारी देहरादून को ज्ञापन भेजकर किसानों की समस्या से अवगत कराया है। उन्होंने कहा है कि किसान व बागवानों के साथ होने वाली समस्याएं बढ़ गई हैं। लॉकडाउन के दौरान किसानों व बागवानों ने अपनी मटर की फसल को जौनसार बावर के तहसील त्यूनी से कृषि मण्डी देहरादून पहुंचाने पर भी उचित दाम न मिलने व आढ़तियों द्वारा अपने मनमाने से क्रय के कारण बहुत नुकसान उठाया है।
यही नहीं बहुत से फुटकर किसान व बागवान अपनी फसल को वाहन न मिलने के कारण मण्डी तक नहीं पहुंचा पाए। अब जब अन्य नगदी फसलें कुछ ही महीनों में तैयार होने वाली है और कुछ सब्जियां आजकल में तैयार हो रही हैं, जैसे- टमाटर, खीरा, शिमला मिर्च, भिंडी, गोभी, बीन्स आदि। तो बहुत से किसानों की दिनचर्या व आय का स्रोत नगदी फसलें ही हैं। उसी को देखते हुए काश्तकारों की नगदी सब्जियों व फलों की खरीद के लिए जौनसार बावर के त्यूनी के 60 से 70 गांव के किसान व बागवानों के लिए नवीन कृषि मण्डी की व्यवस्था की जाए तो उनकी समस्या कम हो सकती है। ताकि किसान व बागवानों को 250 से 300 किमी. देहरादून मण्डी न आना पड़े।
इस संबंध में क्षेत्र पंचायत सदस्य बृनाड बास्तिल चमन क्षेत्र पंचायत सदस्य ऐठान भूनाड पंकज डोभाल, कुलदीप खन्ना आदि ने तहसीलदार त्यूणी, देहरादून को ज्ञापन भी प्रेषित किया है। उन्होंने क्षेत्र पंचायत सदस्य व किसान भाइयों की तरफ से अनुरोध करते हुए कहा है कि किसान व बागवान भाइयों की फल व सब्जियों के लिए नजदीकी त्यूनी बाजार के आसपास नवीन कृषि मण्डी खोलने की व्यवस्था की जाए, ताकि स्थानीय काश्तकार व बागवानों समस्याओं का समाधान हो सके।

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