सुप्रीम कोर्ट फैसला: पर्वत जन के खिलाफ़ सरकार की एफआईआर पर रोक

पर्वतKजन के खिलाफ़ सरकार की एफआईआर पर रोक

पर्वतजन के खिलाफ उत्तराखंड सरकार की एफआईआर पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास सिंगताली नामक स्थान पर एक विवादास्पद जगह पर मार्च में लॉकडाउन के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक उद्घाटन समारोह किया था। इसका स्थानीय ग्रामीणों ने व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन किया था। यूकेडी और पूर्व आईएएस सुरेन्द्र सिंह पांगती के नेतृत्व में ग्रामीण गिरफ्तार भी हुए थे। पर्वतजन ने इस पर उद्घाटन समारोह में हंगामा होने की संभावना जताते हुए खबर प्रकाशित की थी। लेकिन सत्ता के नशे में मदमस्त सरकार ने खबर से चेतने के बजाय उल्टा पर्वतजन संपादक सहित अन्य पत्रकारों के खिलाफ़ गम्भीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करके कार्यवाही शुरू कर दी थी।

पर्वतजन के संपादक गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट चले गए थे। आज सुप्रीम कोर्ट ने इस एफआईआर पर रोक लगा दी है। जनता से जुड़े हुए मुद्दों पर विचार करने के बजाए त्रिवेन्द्र सरकार पत्रकारों का ही दमन करने के लिए बेहद बदनाम हो चुकी है। उत्तराखंड में पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करने से भाजपा के खिलाफ़ राज्य में लोगों के बीच भी काफी आक्रोश है। हाईकमान भी त्रिवेन्द्र सरकार से इस मुद्दे पर काफी नाराजगी जाहिर कर चुका है। पर्वत जन के खिलाफ़ सरकार की एफआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रोक लगने से सरकार की खासी किरकिरी हो रही है।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts