चमोली में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई। महिला को कंधों पर उठाकर अस्पताल ले गए ग्रामीण

चमोली में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई। महिला को कंधों पर उठाकर अस्पताल ले गए ग्रामीण

रिपोर्ट- गिरीश चंदोला
चमोली। प्रदेश के मुखिया भले ही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर अनेक दावे करते रहते हैं। परंतु जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के चमोली जनपद के दूरस्थ क्षेत्र कीमाणा गांव की। जहां 2 दिन पहले एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया और उसके बाद उसकी तबीयत अचानक खराब होने लगी। गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं न होने की वजह से महिला को ग्रामीणों ने एक बार फिर से कंधों पर उठाकर पहले बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पहुंचाया और उसके बाद उसे जोशीमठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया।

ग्रामीणों के अनुसार गांव की श्रीमती दीपा देवी की तबीयत अचानक खराब होने लगी। सोमवार को सुबह जब गांव में स्वास्थ्य सुविधा ना होने पर आनन-फानन में गांव के कुछ युवाओं ने महिला को कंधे में एक पालकी बनाकर सड़क मार्ग तक पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि, गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं हैं लेकिन वहां कोई डॉक्टर नहीं रहता है। जिसकी वजह से कभी-कभी गांव में मुश्किलें पैदा हो जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही से एक महिला और उसके बच्चे की जान खतरे में आ गई है। लेकिन इस और स्वास्थ्य विभाग कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।

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