देहरादून। उत्तराखंड में मानसूनी बारिश का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है। 8 सितंबर से 11 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों तक कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और कुछ स्थानों पर तीव्र बारिश की संभावना बनी हुई है।
Uttarakhand Weather Today: आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 8 सितंबर को देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की भी संभावना है। पर्वतीय इलाकों और ऊधम सिंह नगर में बिजली चमकने के साथ तेज बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों की बात करें तो मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य के आसपास रहा, जबकि पहाड़ी इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
9 सितंबर को भी जारी रहेगा बारिश का दौर
9 सितंबर को देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चम्पावत में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
राज्य के अन्य हिस्सों में भी कहीं-कहीं हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। वहीं पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी।
10 सितंबर को बढ़ेगी बारिश की रफ्तार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 10 सितंबर को उत्तराखंड में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इस दिन प्रदेश के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।
खास तौर पर देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए राज्यभर में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
11 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी
बारिश का सिलसिला 11 सितंबर को भी जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
इसके अलावा प्रदेश के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका है।
पहाड़ों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टान खिसकने का खतरा बढ़ गया है। बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर सफर करना जोखिम भरा हो सकता है।
नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी और बरसाती नालों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
पहाड़ों की यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देख लें। खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी के दौरान बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।


