देहरादून में SSC परीक्षा में हाईटेक नकल का भंडाफोड़, अंडरग्राउंड सेटअप से रिमोट कंट्रोल कर हल हो रहे थे पेपर

सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बावजूद संगठित गिरोहों की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रहीं। 13 फरवरी 2026 को देशभर में आयोजित कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की CBIC और CBN पदों की भर्ती परीक्षा के दौरान देहरादून में एक हाईटेक नकल नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। उत्तराखंड STF और उत्तर प्रदेश STF की […]

सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बावजूद संगठित गिरोहों की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रहीं। 13 फरवरी 2026 को देशभर में आयोजित कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की CBIC और CBN पदों की भर्ती परीक्षा के दौरान देहरादून में एक हाईटेक नकल नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। उत्तराखंड STF और उत्तर प्रदेश STF की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जो अत्याधुनिक तकनीक के जरिए परीक्षार्थियों के कंप्यूटर सिस्टम को रिमोट एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल करा रहे थे।

 

अंडरग्राउंड चैंबर से संचालित हो रहा था पूरा नेटवर्क

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर 13 फरवरी 2026 को महादेव डिजिटल जोन, एमकेपी इंटर कॉलेज, देहरादून स्थित परीक्षा केंद्र पर छापा मारा गया। जांच के दौरान परीक्षा लैब के समीप स्थित UPS कक्ष में 24×24 इंच (576 वर्ग इंच) का भूमिगत कक्ष तैयार किया गया था।

 

इस गुप्त स्थान में दो लैपटॉप, राउटर, नेटवर्किंग डिवाइस और केबल सिस्टम सक्रिय अवस्था में मिले। पूरा सिस्टम ऑटोमैटिक मोड में संचालित था और इसे दूरस्थ स्थान से नियंत्रित किया जा रहा था। तकनीकी व फॉरेंसिक सहायता से STF ने उपकरणों को जब्त कर सील किया और परीक्षा केंद्र को भी सील कर दिया।

 

10 लाख रुपये में ‘पक्का चयन’ का झांसा

 

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि गिरोह अभ्यर्थियों से चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर प्रति उम्मीदवार 10 लाख रुपये की मांग करता था। इसके लिए कंप्यूटर सिस्टम को रिमोट तरीके से एक्सेस कर उत्तर भरवाए जाते थे।

 

गिरफ्तार आरोपी

 

1. नीतिश कुमार पुत्र चन्द्रभान गौड़

निवासी – भाटपार रानी, देवरिया (उत्तर प्रदेश)

वर्तमान पता – नागलोई, दिल्ली

 

 

2. भास्कर नैथानी पुत्र दिनेश चन्द्र नैथानी

निवासी – नथुवावाला, देहरादून

 

दर्ज हुआ मुकदमा

कोतवाली देहरादून में मु.अ.सं. 58/2026 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023 की धारा 11(1), 11(2), 12(2), 12(3), बीएनएस की धारा 318(2), 61, 111(3)(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।

 

संयुक्त STF टीम की रणनीतिक कार्रवाई

यह अभियान पुलिस महानिरीक्षक STF डॉ. नीलेश आनंद भरणे के निर्देश, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व तथा पुलिस उपाधीक्षक आर.बी. चमोला के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश STF की संयुक्त टीम ने समन्वित योजना के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया।

कार्रवाई में शामिल अधिकारी

उत्तराखंड STF टीम

क्षेत्राधिकारी मसूरी – जगदीश चंद्र पंत (टीम प्रभारी)

निरीक्षक – नन्दकिशोर भट्ट

उप निरीक्षक – राजेश ध्यानी

हेड कांस्टेबल – सुधीर केसला

हेड कांस्टेबल – रामचन्द्र

कांस्टेबल – अनिल कुमार

कांस्टेबल – कादर खान

 

उत्तर प्रदेश STF टीम

उप निरीक्षक – जयवीर सिंह

हेड कांस्टेबल – रकम सिंह

हेड कांस्टेबल – प्रदीप धनकड़

कांस्टेबल – रोमिश तोमर

 

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

 

गिरोह के शेष सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

 

यह कार्रवाई नकल विरोधी कानून की सख्ती और प्रभावशीलता को रेखांकित करती है। हाईटेक तकनीक के जरिए परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने वाले इस संगठित नेटवर्क के खुलासे के साथ STF ने स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा।

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