एक्सक्लूसिव खुलासा: फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए चयनित हो सकते हैं दर्जनों कर्मशाला अभ्यर्थी। Uksssc में बड़े घोटाले का अंदेशा

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पर एक बार फिर से रिजल्ट में घालमेल करने के आरोप लगने लगे हैं।

दरअसल,मामला कर्मशाला अनुदेशक के रिजल्ट को लेकर है। जिसकी विज्ञप्ति 5 अक्टूबर 2021 को जारी हुई और एग्जाम 12 जून 2022 को हुआ।और 25 अक्टूबर को इसका रिजल्ट जारी किया गया।

इसका रिजल्ट आने के बाद कई अभ्यर्थियों ने इसमें आपत्ति दर्ज कराई, अभ्यर्थियों ने कहा कि रिजल्ट में काफी सारी अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा है। आयोग ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि इसमें संशोधन किया जाएगा।

हालांकि संशोधन रिजल्ट 10 नवंबर को जारी भी किया लेकिन उसमें भी अनियमताएं जस की तस बनी रही।

इसके बाद फिर से जब अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई,एक बार फिर से आयोग ने जांच कर संशोधित रिजल्ट जारी करने की बात कही है।

लेकिन देखने वाली बात है कि आयोग लगातार अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। आयोग जिसके ऊपर उत्तराखंड में अभ्यर्थियों को रोजगार देने की जिम्मेदारी है वह बिना सही जांच के ही रिजल्ट जारी कर दे रहा है।

इसलिए उठ रहे हैं गंभीर सवाल:

  • आयोग ने कर्मशाला अनुदेशक (शाखा – ०२) यांत्रिकी में जो परिणाम जारी किया है उसमें कुछ पदों को रिक्त रखा गया है जबकि उन पदों के लिए योग्य अभ्यर्थी उपल्बध है।
  • आयोग को परिक्षा परिणाम से पूर्व ही प्रार्थना पत्र एवं E-Mail के माध्यम से अवगत कराया गया था कि, कर्मशाला अनुदेशक से कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी प्रमाण पत्र आयोग को प्रस्तुत किए है परंतु आयोग ने प्रार्थना पत्र /Email को दरकिनार करते हैं अपनी चयन सूची में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों वाले अध्यार्थियों को चयनित किया है।
  • प्रथम चयन परिणाम के बाद अभ्यार्थियों ने आपत्ति पत्र के माध्यम से आयोग एवं कार्मिक विभाग सचिव दोनों को अवगत कराया गया कि चयन सूची में फर्जी प्रमाण पत्र एवं औद्योगिक अनुभव से अलग अनुभव के अभ्यार्थियों को चयनित किया है तथा आयोग ने आश्वासन दिया गया कि संशोधन कर के ऐसे अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया जाएगा परंतु 10-Nov-2023 मे जारी संशोधित परिणाम सूची में फर्जी अभ्यर्थियों को शामिल किया गया।
  • प्रथम परिणाम आने के बाद जो कि आयोग की जांच प्रक्रिया के उपस्त आया था उसमें कुछ अभ्यार्थीयो के अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी होने के साक्ष्य अभ्यार्थीयो द्वारा आयोग को प्रस्तुत किये गए,जिनको आयोग ने संशोधित औपबन्धिक श्रेष्ठता सूची से बाहर निकाल दिया, जिनकी जांच अभियोग पहले परिणाम से पूर्व की जा चुकी थी। इसलिए भी आयोग की जांच प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह लगता है।
  • आयोग ने ऐसे अभ्यार्थीयो का चयन भी किया है, जिन्होंने केवल GST नम्बर धारक ठेकेदार एवं व्यापारी, जिनके पास CIN नम्बर (Corporate Identification Number) उपलब्ध नहीं है, के Letterhead पर अनुभव प्रमाण पत्र दर्शाया है। जो कि आयोग के पूर्व सचिव द्वारा जारी किये गए संवाद संख्या 247 में उल्लेखित औद्योगिक अनुभव का उलंघन है।

 

  • आयोग द्वारा 10 Nov 2023 में जारी संसोधित परिणाम सूची में कुछ ऐसे अभ्यार्थीमों का चयन किया है, जिनके द्वारा आवेदन करते समय आवेदन पत्र में अनुभव का विवरण नही दिया गया था, जो कि विज्ञप्ति के पैरा संख्या 25 का उलंघ्घन है।
  • आयोग द्वारा चयन सूची में कुछ ऐसे अभ्यार्थीयों का चयन किया गया है, जिन्होंने अनुभव प्रमाण पत्र में Apprenticeship का प्रमाण पत्र भी संलग्न किया है जो कि एक शिक्षण प्रमाण पत्र है। जो कि औद्योगिक अनुभव में मान्य नहीं है।
  • विज्ञप्ति के अनुसार कर्मशाला अनुदेशक (शाखा-२) यांत्रिकी की फिटिंग प्लम्बिंग के कुल – 13 पद थे परंतु संशोधित परिणाम में सभी कर्मशाला अनुदेशक के चयनित  अभ्यर्थियों को फिटिंग / प्लंबिंग ट्रेड दी गई, जिसकी संख्या 103 है।

  • कुछ अभ्यार्थीयो को शैक्षिक योग्यता के अनुरूप पद आंवटित नहीं किये गए है। जो छात्र कर्मशाला अनुदेशक के लिए एप्लीकेबल था उसे सहायक बोरिंग टेक्नीशियन का पद दे दिया गया।
  • आयोग ने अलग-अलग पदों के लिए विज्ञप्ति निकाल जिनकी शैक्षिक योग्यता और वेतनमान भी अलग-अलग थे जैसे किसी के लिए आईटीआई किसी के लिए डिप्लोमा और एक्सपीरियंस और किसी के लिए आईटीआई और सीटीआई। लेकिन इन सभी पदों के लिए प्रश्न पत्र एक जैसा ही रखा गया।

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