सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम के दौरान दो छात्र समूहों के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। मामूली कहासुनी के रूप में शुरू हुआ मामला कुछ ही देर में मारपीट तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच प्रक्रिया आरंभ कर दी है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राएं होली उत्सव में भाग ले रहे थे। रंग-गुलाल और सांस्कृतिक माहौल के बीच किसी मुद्दे को लेकर दो गुटों के बीच बहस शुरू हुई। शुरुआती तीखी नोकझोंक जल्द ही धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। दोनों पक्षों के छात्रों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई, जिससे कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाता देख अन्य विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ ने हस्तक्षेप कर दोनों समूहों को अलग किया। इस दौरान कुछ छात्र एक-दूसरे को भविष्य में परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए भी दिखाई दिए। घटनास्थल पर मौजूद कुछ छात्रों ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। वायरल वीडियो के चलते संस्थान की छवि को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विवाद की मूल वजह क्या थी। न तो किसी छात्र समूह ने खुलकर कारण बताया है और न ही कॉलेज प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया गया है। गौरतलब है कि अभी तक किसी भी पक्ष ने पुलिस के समक्ष लिखित तहरीर प्रस्तुत नहीं की है।
इस संबंध में रुद्रपुर के एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि उन्हें मीडिया के जरिए घटना और वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि वीडियो के आधार पर तथ्यों की जांच की जा रही है। वर्तमान में कॉलेज प्रशासन या छात्रों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी सिटी ने यह भी कहा कि पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और जांच में जिस किसी की भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता व्याप्त है। शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार की घटनाएं अनुशासन व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करती हैं और छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच की दिशा और कॉलेज प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले आगामी कदमों पर टिकी हुई हैं।




