अवैध कब्जा! चकबंदी की जमीन पर बना डाली पक्की दुकान

उत्तराखंड, ऊ. सि. नगर

किच्छा -दिलीप अरोरा

जहां एक तरफ कोविड की महामारी से सभी लोग जूझ रहे है तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो इस समय को भी अवसर बनाने से नहीं चूक रहे है।

हर कोई कमाई के रास्ते ढूंढ रहा है अच्छी बात है की कमाई के साधन होने चाहिए तभी जिंदगी भी चलती है और पेट भी भरता है।लेकिन मौजूदा वक्त में लोग इस महामारी में गलत तरीकों को अपना कर इंसानियत का ही गला घोंटने में व्यस्त है।

कोई इस समय में उपयोगी दवाओं की कालाबाजारी मे लगा है तो कोई जीवनदायिनी ऑक्सीजन गैस को ब्लैक करता है और तो और लोग  कुछ सौ रुपए में आने वाले ऑक्सीमीटर को भी हजारों में बेच रहे है।

जहां इंसानियत के नाते सभी की सहायता करनी चाहिए तो ऐसे में लोग गलत तरीके अपनाकर वारे न्यारे कर रहे है चाहे इसमें शराब माफिया ही क्यों न हो।

जहाँ जिन गाड़ियों को एम्बुलेंस बनाकर मरीजों को अस्पताल और जरूरतमंदो तक खाना पहुंचाने दवाई पहुंचाने का काम किया जाना चाहिए था तो वहां आज शराबीयो तक इन गाड़ियों से शराब पहुंचाने जा मामला भी सामने आ गया।तो कहता है की इंसान इंसान का दुश्मन नहीं है अरे जनाब यही तो दुनिया है “जहां बाप बड़ा ना भैया,सबसे बड़ा रुपया।

आजकल एक होटल और मैरिज हॉल की वजह से किच्छा सुर्खियां तो बटोर ही रहा है साथ ही एक मामला और सामने आया है वह मामला अवैध कब्जे का है।

जहाँ प्रशासन कोविड को लेकर सीरियस है और सारी व्यवस्था चौक चौबंध किए हुए है और किसी भी प्रकार की कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं दिख रहा है तो कुछ लोग इसी बात का फायदा भी उठाते नजर आ रहे है।

एक व्यक्ति ने इसी कोविड काल मे आराम से सरकारी जमीन पर कब्जा कर एक दुकान बनाकर शटर भी लगा लिया है जिसकी भनक प्रशासन को भी नहीं थी।फिर जैसे  ही प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो स्थानीय पटवारी सहित कुछ अधिकारी पहुंचे और कब्जाधारी व्यक्ति को चेतावनी देकर उक्त कब्जे को हटाने की बात कह कर समय दे दिया।

इसी पर ज़ब आज पटवारी से पूरी जानकारी ली गयी तो पटवारी दीपक ने बताया कि, यह जमीन जहां कब्जा है वह चकबंदी के आधीन आती है और कुछ दिन पूर्व ही हम चकबंदी की टीम के साथ गए थे। उसके बाद उस व्यक्ति ने विधायक जी और एसडीएम साहब से टाइम माँगा था। जो कल तक का है और इसके बाद हम अतिक्रमण को चिन्हित करके हटा देंगे।

चलिए यहां तक तो ठीक है पर बार बार इस पर कब्जा होना और फिर प्रशासन को अपना समय खर्च करते हुए इस अतिक्रमण को हटाना यह आखिर कब तक चलेगा आखिर ऐसे व्यक्तियों पर क्यों कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती है ताकि यह लोग बार बार कब्जा करने की सोच न रखें।देखना होगा की इस बार ऐसे व्यक्तियों पर कार्यवाही होती है या नहीं।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts