दुखद : कोटद्वार में फंसे बिहार के 13 मजदूरों का दो दिन से नहीं जला चूल्हा

मनोज नौडियाल, कोटद्वार
कोटद्वार। कोरोना जैसे महामारी को लेकर लॉक डाउन होने से सबसे अधिक मार गरीब मजदूरों पर पड़ रही है। जिस कारण मेहनत कर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने वाले गरीब मजदूरों को मजदूरी नहीं मिलने से रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। नगर निगम के वार्ड नंबर 10 के लकड़ीपड़ाव में 13 मजदूर रोजाना मजदूरी कर किसी प्रकार अपने पेट की भूख मिटाते थे, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप से बचाव हेतु लॉक डाउन लगाने से मजदूरों को खाने के लाले पडे़ हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने दो दिन से खाना नहीं खाया है। उन्होंने प्रशासन से राशन उपलब्ध कराने की मांग की है।
बिहार के ग्राम बहादुरगंज जिला किशनगंज निवासी जाकिर हुसैन, जुवेर, इसारूल, मरगूल आलम ने बताया कि वह अपने नौ अन्य साथियों के साथ लकड़ीपड़ाव में किराये के मकान में रहते है और मजदूरी कर अपना भरण पोषण करते है। देश में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 14 अप्रैल तक लॉक डाउन किया गया है। जिस कारण उन्हें मजदूरी नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पास राशन व गैस सिलेण्डर भी खत्म हो गया है। जिस कारण दो दिन से खाना नहीं खाया है। साथ ही मजदूरों ने बताया कि हम लोगों के पास राशन कार्ड भी नहीं है, जिस कारण सरकारी सहायता भी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से लॉक डाउन अवधि में राशन का वितरण किया जा रहा है। इसके लिए उनके वार्ड में भी सर्वे किया गया। राशन के लिए उन्होंने अपना नाम भी दर्ज कराया था, लेकिन अभी तक उन्हें राशन नहीं मिल पाया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द ही राशन उपलब्ध कराने की मांग की है। उधर, उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा ने बताया कि सभी गरीब व मजदूरों को राशन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही मजदूरों को राशन उपलब्ध कराया जाये

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