हरिद्वार में ढोंगी बाबाओं पर कड़ा प्रहार: ऑपरेशन ‘कालनेमि’ में 43 बहरूपिए गिरफ्तार, पुलिस ने खोली पोल

हरिद्वार:

धार्मिक आस्था का सहारा लेकर श्रद्धालुओं को भ्रमित करने वाले फर्जी साधु-संतों के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘कालनेमि’ के तहत नगर कोतवाली पुलिस ने पिछले दो दिनों में 43 संदिग्ध बाबाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई हरकी पैड़ी, सर्वानंद घाट, रोडीबेलवाला और आसपास के गंगा घाटों पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान की।

 

दरअसल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में ऑपरेशन कालनेमि चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य तंत्र-मंत्र, जादू-टोना या साधु-संत का वेश धारण कर लोगों को ठगने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। इसी क्रम में हरिद्वार जिले के सभी थाना प्रभारियों को संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

नगर कोतवाली पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गंगा घाट क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सर्वानंद घाट, हरकी पैड़ी और आसपास के इलाकों से धर्म की आड़ में लोगों को गुमराह करने, बिना पहचान पत्र के रहने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए गए 27 लोगों को हिरासत में लिया गया।

 

इसके बाद पुलिस ने हरकी पैड़ी, रोडीबेलवाला और आसपास के घाटों पर अभियान जारी रखते हुए 16 अन्य संदिग्ध व्यक्तियों को भी पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद सभी को कोतवाली लाया गया, जहां उनके फिंगरप्रिंट लिए गए और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल सभी के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और कड़ी चेतावनी भी दी गई है।

 

नगर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह के अनुसार, धार्मिक वेशभूषा का उपयोग कर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को ठगने या गुमराह करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में भी घाटों और धार्मिक स्थलों पर इस तरह के लोगों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

 

गौरतलब है कि इससे पहले भी हरिद्वार में कई ऐसे बहरूपिए पकड़े जा चुके हैं, जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए गए थे। करीब तीन महीने पहले श्यामपुर थाना पुलिस ने एक फर्जी संत को गिरफ्तार किया था। आरोपी दीपक सैनी संत का भेष बनाकर लोगों को ठगता था और उसने एक युवती के साथ दुष्कर्म की घटना को भी अंजाम दिया था। ऑपरेशन कालनेमि के तहत उसे गिरफ्तार कर दुष्कर्म के मामले में जेल भेजा गया था।

 

पुलिस का कहना है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने और श्रद्धालुओं को ठगी से बचाने के लिए ऑपरेशन कालनेमि के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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