श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल), 5 जून 2026। जयप्रकाश नौगाई
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्रीनगर में पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। माननीय उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पौड़ी गढ़वाल के निर्देशानुसार तहसील विधिक सेवा समिति श्रीनगर की अध्यक्ष एवं सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कुमारी अलका के नेतृत्व में न्यायालय परिसर श्रीनगर में वृक्षारोपण किया गया।
इस दौरान उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की गई। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए लोगों से प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया गया।
प्लास्टिक प्रदूषण रोकने का दिया संदेश
वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बढ़ता प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचना चाहिए और स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
जून 2026 की कार्ययोजना पर हुई समीक्षा बैठक
वृक्षारोपण कार्यक्रम के पश्चात सुबह 10 बजे न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) श्रीनगर, जिला पौड़ी गढ़वाल के विश्राम गृह में सिविल जज कुमारी अलका की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जून 2026 के प्लान ऑफ एक्शन के अनुपालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों, विधिक साक्षरता शिविरों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विचार-विमर्श किया गया।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में संरक्षक अनूप श्री पांथरी, अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी, महासचिव प्रदीप मैठाणी, ब्रह्मानंद भट्ट, विकास पंत, नितेश भारती, गौरव उपाध्याय, कुलदीप दानू, लक्ष्मीकांत, प्रेरणा काला, भूपेंद्र पुंडीर, अनुपम गोयल, रतन सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में पीएलवी सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा मानव बिष्ट, प्रकाश नेगी, प्रीति बिष्ट, रोशनी देवी, न्यायालय कर्मचारी निर्मल सिंह (रीडर), ज्योतिष घिल्डियाल, आनंद प्रसाद भारती, अंशुल देवी रौथान तथा वन विभाग के कर्मचारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण देने के लिए सामूहिक प्रयास बेहद आवश्यक हैं।





