मातावाला बाग विवाद: अमित तोमर पर न्यायालय की अवमानना सहित कई गंभीर आरोप।25 करोड़ की मानहानि का दावा भी

देहरादून। मातावाला बाग को लेकर विवाद एक बार फिर गहराता दिख रहा है। श्री दरबार साहिब प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के आदेशों की अनदेखी करते हुए विवादित गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोपों के चलते अमित तोमर के खिलाफ न केवल न्यायालय की अवमानना का मामला दर्ज होने जा रहा है, बल्कि संगीन धाराओं में मुकदमा पहले ही दर्ज हो चुका है। इसके साथ ही ₹25 करोड़ की मानहानि का केस भी उनके खिलाफ दायर किया गया है।

आरोप हैं कि,शनिवार को बिना जिला प्रशासन की अनुमति के, अमित तोमर ने तथाकथित “शांति मार्च” के नाम पर अपने कुछ सहयोगियों के साथ लाउडस्पीकर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक नारेबाजी की और मातावाला बाग के भीतर प्रवेश का प्रयास किया। भारी पुलिस बल की तैनाती के चलते उन्हें बाग के गेट के भीतर नहीं जाने दिया गया।

न्यायालय के आदेश की खुली अवहेलना

अमित तोमर के सहयोगी अमन स्वेडिया पर पहले से ही अदालत द्वारा मातावाला बाग संबंधी सोशल मीडिया पोस्ट व धरना-प्रदर्शन पर रोक है। बावजूद इसके, उन्होंने भी कथित रूप से न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की है।

श्री दरबार साहिब की ओर से आरोप लगाया गया है कि जब इन लोगों को मातावाला बाग में शराब और ड्रग्स की गतिविधियों में पकड़ा गया, तो संगतों द्वारा इनकी पिटाई की गई थी। इसके बाद से ही यह समूह श्री दरबार साहिब की छवि को खराब करने और बाग की भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहा है।

श्री दरबार साहिब की प्रतिक्रिया

प्रबंधन का कहना है कि मातावाला बाग की भूमि पूरी तरह से श्री दरबार साहिब की है और इसे किसी को लीज पर नहीं दिया गया है। बाग के संरक्षण और रख-रखाव की जिम्मेदारी SGRR विश्वविद्यालय के कृषि विभाग को सौंपी गई है। विभाग की टीम बाग में फलदार वृक्षों का वैज्ञानिक तरीके से रोपण और संरक्षण का कार्य कर रही है।

वन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त जांच में यह स्पष्ट किया गया है कि बाग में किसी भी पेड़ की अवैध कटाई नहीं हुई है। इसके विपरीत, स्थानीय समाजसेवियों ने बाग की सफाई, झाड़ी हटाने और नए वृक्ष लगाने जैसे प्रयासों की सराहना की है।

असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटने का संकल्प

प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बाग में प्रवेश केवल श्री दरबार साहिब की अनुमति और प्रवेश पत्र के बाद ही दिया जाएगा। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि असामाजिक तत्व सज्जनों की आड़ में बाग में प्रवेश कर किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल न हो सकें

प्रबंधन की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि बाग में मौजूद सभी पेड़ों की गिनती कर उनकी जानकारी बोर्ड पर सार्वजनिक रूप से दर्शा दी गई है ताकि किसी प्रकार का झूठा प्रचार फैलाने की कोशिश को रोका जा सके।

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