देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में अक्सर अपने बेबाक और तल्ख बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय के बदले हुए सुर इन दिनों सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। कभी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली और सरकार के फैसलों पर सवाल उठाने वाले पांडेय अब खुलकर धामी की तारीफ करते नजर आ रहे हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है। तस्वीर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधायक अरविंद पांडेय, भाजपा संगठन महामंत्री अजय कुमार, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और प्रभारी दुष्यंत गौतम एक साथ दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर सामने आते ही राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे।
जो कल तक आलोचक थे, आज बने प्रशंसक
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अरविंद पांडेय उन नेताओं में रहे हैं जिन्होंने समय-समय पर संगठन और सरकार दोनों को असहज करने वाले बयान दिए। लेकिन अब वही पांडेय मुख्यमंत्री धामी को “देश का सबसे ईमानदार मुख्यमंत्री” बता रहे हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि वे पुष्कर सिंह धामी को वर्ष 2047 तक उत्तराखंड का मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। उनके इस बयान ने उन नेताओं और समर्थकों को भी चौंका दिया है जो अब तक पांडेय की ओर से लगातार राजनीतिक बैटिंग करते रहे थे।
सियासत में बदलाव या बदली रणनीति?
पांडेय के बदले तेवरों को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ इसे भाजपा के भीतर बढ़ती एकजुटता का संकेत मान रहे हैं तो कुछ इसे बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।
सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सरकार और नेतृत्व पर मुखर रहने वाले विधायक अब मुख्यमंत्री धामी के सबसे बड़े समर्थकों में नजर आने लगे हैं। हालांकि इसका जवाब आने वाले दिनों की राजनीति ही दे पाएगी।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
पांडेय के बयान और वायरल तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। समर्थक इसे सकारात्मक राजनीतिक संदेश बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसे उत्तराखंड की बदलती सियासत का नया अध्याय मान रहे हैं।
फिलहाल इतना तय है कि अरविंद पांडेय के इस बदले अंदाज ने उत्तराखंड की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है और उनके लिए लंबे समय से बैटिंग कर रहे कई चेहरे भी अब हैरत में दिखाई दे रहे हैं।
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