- उत्तरकाशी के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में तीसरे दिन भी तलाश जारी, ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की ली जा रही मदद
उत्तरकाशी, 2026- नीरज उत्तराखंडी| उत्तरकाशी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दयारा बुग्याल ट्रेक मार्ग पर एक महिला ट्रेकर के लापता होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। महिला की तलाश के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन सदस्यीय ट्रेकिंग दल 29 मई को दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। 30 मई को दल की एक सदस्य बबीता पाण्डेय (लगभग 30 वर्ष) के लापता होने की सूचना मिली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम ने संबंधित विभागों को अलर्ट किया और प्रशासन ने तत्काल खोज अभियान शुरू कर दिया।
खोज अभियान में जुटीं कई एजेंसियां
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर आपातकालीन परिचालन केंद्र, पुलिस, राजस्व विभाग, वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। रविवार को अभियान को और तेज करते हुए एनडीआरएफ, डॉग स्क्वॉड, ड्रोन ऑपरेटर टीम तथा आपदा प्रबंधन विभाग के जवानों को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है।
इसके अलावा वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की अतिरिक्त टीमों को भी क्षेत्र में तैनात किया गया है ताकि दुर्गम इलाकों की गहन तलाशी ली जा सके।
जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महिला ट्रेकर की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग कर खोज अभियान को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक महिला का पता नहीं चल जाता।
दयारा बुग्याल क्षेत्र ऊंचाई और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। ऐसे में प्रशासन आधुनिक तकनीकों का भी सहारा ले रहा है। ड्रोन कैमरों के माध्यम से घाटियों, जंगलों और कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है, जबकि डॉग स्क्वॉड को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है।
प्रशासन का कहना है कि सभी टीमें समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं और उम्मीद है कि जल्द ही लापता महिला ट्रेकर का पता लगाया जा सकेगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान जारी है।
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