मुक्तेश्वर के सेब बनाएंगे अपनी अलग पहचान

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- 

उत्तराखंड के मुक्तेश्वर में इटली के रसीले गाला सिनिको और किंग रॉट प्रजाति के सेबों का व्यापार करने के लिए उद्योगपति अडानी ने अपने प्रतिनिधि भेजे हैं। सब कुछ ठीक रहा तो देश दुनिया में मुक्तेश्वर के सेब अपनी अलग पहचान बनाएंगे ।

नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर में स्थानीय किसान देवेंद्र सिंह बिष्ट ने इंडो डच हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट के तहत कुछ समय पूर्व सेब के पौधे लगाए थे । उत्तराखंड सरकार के फल उद्योग(हॉर्टिकल्चर)विभाग के प्रोजेकट में देवेंद्र को 80 प्रतिशत की सब्सिटी मिली थी ।

देवेंद्र ने कुल 20 नाली(एक एकड़)में इटली के 1008 पेड़ लगाए हैं, जो अभी फल देने लगे हैं । इन पेड़ों का साइज छोटा ही रहता है, लेकिन फल साल दर साल बढ़ते जाता है । पेड़ों को नजदीक रखने के कारण इसे हाई डेनसिटी वाली बागवानी माना जाता है ।

बगीचा, समुद्र सतह से लगभग 3000 फ़ीट की ऊँचाई पर बना हुआ है । इटली में होने वाले गाला सिनिको और किंग रॉट प्रजाति के सेब के पेड़ों को यहां लगाया गया है । इन सेबों को बंदरों और तोते व अन्य पक्षियों से खतरा है, जिसके लिए देवेंद्र ने बगीचे की सीमा और चारों तरफ से जाली ‘नैट’ लगा दी है ।

मुक्तेश्वर के गजार कसियालेक क्षेत्र में बनाया गया ये बगीचा अपने चमकदार लाल और रसीले मीठे सेबों के कारण क्षेत्र में खासा चर्चा में है । किसान देवेंद्र के पुत्र पूरन सिंह बिष्ट ने होटल मैनेजमेंट कर कोरोनाल के कारण घर बैठे ऑर्गेनिक फार्मिंग शुरू कर दी है। इटली की इस तकनीक से कम जमीन में ज्यादा से ज्यादा पेड़ लग जाते हैं ।

उन्होंने बताया कि इसका आईडिया मिलने के बाद उन्हें जैसा जैसा हॉर्टिकल्चर के अधिकारी बताते गए, वो वैसा वैसा ही करते गए । इटली के सेब अब आकर्षक रूप लेते जा रहे हैं, इन्हें देखकर अडानी ग्रुप की बिज़नेस टीम भी देवेंद्र के बगीचे में पहुंच गई है । माना जा रहा है कि आने वाले समय में सेब का महत्व समझकर कुछ दूसरे लोग भी यहां व्यापार करने पहुचेंगे ।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts