बड़ी खबर: नगर निगम हरिद्वार से करोड़ों का सामान गायब। जांच में सामने आए चौंकाने वाला खलासा..

हरिद्वार।
नगर निगम हरिद्वार से लाखों रुपये के कंप्यूटर, लैपटॉप और फर्नीचर के रहस्यमयी तरीके से गायब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

यह संदेहास्पद गड़बड़ी पूर्व नगर आयुक्त करुण चौधरी के कार्यकाल से जुड़ी बताई जा रही है। वर्तमान आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष ऑडिट टीम को निगम कार्यालय में जांच के लिए आमंत्रित किया है।

जांच में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा
सूत्रों के अनुसार, निगम रिकॉर्ड में दर्ज 12 लैपटॉप, एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत के कंप्यूटर सिस्टम, पीसी और फर्नीचर का कोई ठोस दस्तावेजी विवरण उपलब्ध नहीं है। यह स्पष्ट हो चुका है कि न तो ये उपकरण कार्यालय में हैं और न ही इनकी कोई लोकेशन अथवा वितरण से संबंधित जानकारी दर्ज है।

इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 1.5 लाख रुपये की लागत के कंप्यूटर सिस्टम बिना किसी पंजीकरण या ट्रैकिंग के गायब हैं। साथ ही, लाखों रुपये के फर्नीचर का भी कोई लेखा-जोखा नहीं मिल पा रहा है।

प्रशासनिक लापरवाही या सुनियोजित घोटाला?
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा मामला वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की ओर संकेत करता है। इसलिए विशेष ऑडिट की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मामले की जांच के निर्देश, रिपोर्ट जाएगी शासन को
मौजूदा नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सूत्र बताते हैं कि ये सभी खरीदारी और वितरण कार्य पूर्व नगर आयुक्त करुण चौधरी के कार्यकाल के दौरान किए गए थे, जिन पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

जवाबदेही तय होना बाकी
फिलहाल नगर निगम में इस मामले को लेकर हलचल तेज है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ रिकॉर्ड की लापरवाही है या जानबूझकर किया गया सुनियोजित घोटाला?
जवाब ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा!

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